6 सितंबर को हड़ताल पर रहेंगे 20 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी
भोपाल । सैलरी, नियमितिकरण, निष्कासित कर्मचारियों की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 6 सितंबर को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले 20 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी 6 सितंबर को हड़ताल पर हड़ताल पर रहेंगे। संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल में जुटकर एनएचएम कार्यालय का घेराव करेंगे। मध्यप्रदेश में साल-2023 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सीएम शिवराज सिंह चौहान एक तरफ कर्मचारियों को मानने में लगे हुए हैं। वहीं विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को लेकर हड़ताल करने का प्लान तैयारी कर रहे हैं। इसमें सबसे पहले मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ सबसे पहले आया है। सैलरी, नियमितिकरण, निष्कासित कर्मचारियों की बहाली समेत अन्य मांगों को लेकर मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ 6 सितंबर को हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है। 20 हजार संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी एनएचएम कार्यालय का घेराव करेंगे। मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के कार्यकारी अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा कि प्रदेश भर के लगभग 20 हजार से अधिक संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने एक बार फिर आंदोलन का मन बना लिया है। कारण है कि शासन प्रशासन के द्वारा लगातार उनकी उपेक्षा करते हए उनके नियमितिकरण, 90 प्रतिशत और निष्काशित साथियों की बहाली की जायज मांगों को न मानते हुए नजरअंदाज किया जा रहा है।
स्वास्थ्य कर्मचारियों का शोषण कर रही सरकारप्रदेश सरकार विगत कई वर्षों से संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों का शोषण करती आ रही है और उनके द्वारा उठाई गई जायज मांगों को भी पूरा नहीं कर रही है। कोरोना महामारी काल हो या फिर कोई भी आपातकाल की स्थिति संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों ने अपनी जान और अपने परिवार की चिंता न करते हुए दिन रात अपनी स्वास्थ्य सेवायें प्रदान की है। ऐसे में सरकार द्वारा संविदा कर्मचारियों के साथ भेदभाव पूर्ण रवैया क्यों अपनाया जा रहा है? शासन प्रशासन की उदासीनता और सौतेले व्यवहार के चलते एक बार फिर संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी आंदोलन करने का मन बना चुके है। इसी क्रम में दिनांक 06.09.2022 दिन मंगलवार को प्रदेश भर के समस्त संविदा स्वास्थ्य अधिकारी और कर्मचारी पुन:अपनी मांगों को लेकर एनएचएम कार्यालय भोपाल का घेराव कर अपनी आवाज शासन के कानों तक पहुंचायेंगे।
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