जमीन कब्जे की शिकायत पर पहुंचे थे गिहार बस्ती, एसडीएम ने पहुंचकर शांत कराया मामला
कन्नौज: कन्नौज में जमीन कब्जा की शिकायत पर पहुंचे नायब तहसीलदार के साथ मोहल्ले की महिलाओं ने अभद्रता कर दी। खींचतान और हंगामे के कारण उनको खरोंच भी आ गई। सूचना मिलते ही एसडीएम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। किसी प्रकार मामला शांत हो पाया।घटना सदर कोतवाली के मकरंदनगर क्षेत्र के गिहार बस्ती की है। जहां मोहल्ले के ही एक व्यक्ति द्वारा तालाब और चकरोड की जगह को कब्जा कर मकान निर्माण कराया जा रहा था। मकान पर लेंटर डलवाने के प्रयास किए जा रहे थे। ऐसे में किसी ने मामले की शिकायत एसडीएम से कर दी। उन्होंने निर्माण रुकवाने और चकरोड की पैमाइश करवाने के लिए नायब तहसीलदार और विजयकांत शुक्ला लेखपाल को भेज दिया।टिम को महिलाएं रोकने का प्रयास करने लगींअधिकारियों के पहुंचते ही गिहार बस्ती एकजुट होकर मौके पर आ गईं। जहां पैमाइश कर रही राजस्व टीम को महिलाएं रोकने का प्रयास करने लगीं। इस बात को लेकर कहासुनी और नोकझोंक शुरू हो गई। कुछ ही देर में मोहल्ले से महिलाओं का हुजूम पहुंच गया। फिर नायब तहसीदार के साथ खींचतान शुरू कर दी। जिस कारण उनके हाथों में खरोंच भी आ गईं।महिलाओं से घिरे नायब तहसीलदार ने एसडीएम सदर उमाकांत तिवारी को फोन पर सूचना दी। जिसके कुछ ही देर बाद एसडीएम सदर फोर्स लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी प्रकार समझा-बुझाकर मामले को शान्त किया और नायब तहसीलदार को लेकर वापस आ गए।मामले को दबाने में लग गए अफसरमकरंदनगर स्थित गिहार बस्ती में चकरोड और सरकारी जमीन की पैमाइश कराने पहुंचे नायब तहसीलदार से महिलाओं की नोकझोंक और खींचतान मामले को राजस्व अधिकारी दबाने में लग गए। महिलाओं के सामने बेवश अफसरों की फजीहत पर्दे के बाहर न आ जाए, इसलिए कोई अधिकारी स्पष्ट तौर पर कुछ भी बताने को राजी नहीं है। पूछने पर यह कह कर बात टाल दी कि जब जमीन के कब्जे का मामला होता है तो थोड़ा हंगामा होता ही है।तहसीलदार के साथ मोहल्ले की महिलाओं ने अभद्रता कर दी।चोट की बात से मुकर गए नायब तहसीलदारमहिलाओं के हंगामे और अभद्रता के कारण नायब तहसीलदार के हाथ में खरोंच लग गई। जिस कारण खून भी निकल आया। लेकिन जब उनसे बात की गई तो उन्होंने खून निकलने की बात से इंकार कर दिया। उनका कहना है कि वश थोड़ा सा हंगामा हुआ था। लेकिन बाद में मामला शांत हो गया।विवादित जमीन की पैमाइश करने हंगामाइस मामले को लेकर जब एसडीएम सदर उमाकांत तिवारी से बात की गई। उनका कहना है कि विवादित जमीन की पैमाइश करने पर इस तरह के हंगामे होते रहते हैं। इसमें कोई खास बात नहीं है। गिहार बस्ती में जो भी हुआ। उसके बाद से मामला शांत हैं।सरकारी जमीनों को कब्जामुक्त कराने की जहमत नहीं उठा पा रहे अफसर-शासन का आदेश है कि सरकारी जमीनों को हर हाल में कब्जामुक्त करवा लिया जाए।कन्नौज में न तो सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराया जा रहा। न ही जमीनें कब्जा होने से अधिकारी रोक पा रहे हैं। करीब डेढ़ महीने पहले संरक्षित टीले के आसपास 67 अवैध कब्जेदारों को राजस्व टीम ने चिन्हित किया था। लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई प्रशासन नहीं कर सका। गिहार बस्ती में भी सरकारी जमीनों पर कई परिवार बस गए, लेकिन अफसर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।
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