31 करोड़ की लागत, शहर की तीन सड़कों को चुना गया
रायपुर: 31 करोड़ की लागत, शहर की तीन सड़कों को चुना गयाकरीब 31 करोड़ रुपए की लागत से शहर के तीन प्रमुख सड़कों पर अंडरग्राउंड केबलिंग के काम को बिजली कंपनी के चेयरमैन की मंजूरी का इंतजार है। रायपुर रीजन सिटी ने इसका टेंडर फाइनल कर लिया है। इसकी मंजूरी के लिए फाइल बिजली कंपनी के चेयरमैन को भेजा गया है। वहां से मंजूरी मिलने के बाद जल्द काम शुरू होगा।रायपुर स्मार्ट सिटी ने जयस्तंभ चौक से कोतवाली, कोतवाली से बिजली आफिस चौक, महिला थाने से निगम मुख्यालय के सामने होते हुए बिजली आफिस चौक और यहां से बूढ़ापारा होते हुए बूढ़ेश्वर चौक तक अंडरग्राउंड केबलिंग के लिए छत्तीसगढ़ बिजली कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए स्मार्ट सिटी से कंपनी को बजट भी दे दिया गया है। बिजली कंपनी ने इसके लिए टेंडर जारी किया। टेंडर फाइनल हो गया है। अब काम शुरू होने से पहले मंजूरी के लिए फाल चेयरमैन दफ्तर भेजा गया है।अफसरों का कहना है कि वहां से मंजूरी मिलते ही काम शुरू कर दिया जाएगा। शहर की इन चार प्रमुख सड़कों पर बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। इसके बाद इन सड़कों के ऊपर तारें नजर नहीं आएंगी।इन कामों के पूरा होने के बाद नई सड़कें चुनी जाएंगीचरणबद्ध तरीके से यह काम किया जाएगा। स्मार्ट सिटी का पूरा फोकस शहर के एबीडी एरिया (एरिया बेस्ड डेवलपमेंट) में है। यह एरिया शहर के 16 वार्डों में कवर होता है। इसी में फिलहाल 24 घंटे वाटर सप्लाई का काम चल रहा है। इस पूरे क्षेत्र में बिजली की तारों को अंडरग्राउंड किया जाना है। पहले चरण में जयस्तंभ चौक से कोतवाली, बिजली आफिस और महिला थाने से बूढ़ेश्वर चौक तक का काम पूरा होने के बाद अन्य सड़कों पर प्लानिंग के आधार पर काम शुरू किया जाएगा।अंडरग्राउंड केबलिंग से ये फायदाअंडरग्राउंड केबलिंग का सबसे ज्यादा फायदा शहर के उन इलाकों को होगा, जहां सड़कों के ऊपर बिजली की तारों के कारण सबसे ज्यादा दिक्कत है। मालवीय रोड और आसपास के इलाके में तारें इस तरह उलझी हुई हैं कि उससे सड़कों की सुंदरता तो खराब होती ही है और कई बार आगजनी इत्यादि की दुर्घटना होने पर दमकल गाड़ियां नहीं पहुंच पातीं। तारें नहीं होने से आगजनी की घटनाओं से काबू पाना आसान होगा।
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