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36 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने पर मुहर संभव; डायरेक्ट कॉन्ट्रैक्ट वाले रेगुलर होंगे, आउटसोर्सिंग पर पेंच

चंडीगढ़: CM भगवंत मान।पंजाब कैबिनेट की आज मीटिंग हो रही है। इसमें नौकरियों का मुद्दा टॉप पर रहेगा। कैबिनेट में 36 हजार कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने पर मुहर लग सकती है। 3 मंत्रियों की कैबिनेट सब कमेटी मीटिंग में रिपोर्ट पेश करेगी।। जिसमें कर्मचारियों को पक्का करने के बारे में उपाय बताए गए हैं।सूत्रों की मानें तो सरकार सीधे सरकार में कॉन्ट्रैक्ट पर रखे कर्मचारियों को पक्का करेगी। आउटसोर्सिंग यानी कंपनियों के जरिए रखे कर्मचारी इससे बाहर हो सकते हैं। कॉन्ट्रैक्ट वाले कर्मचारियों के लिए भी सरकार 10 साल की सर्विस पूरी होने की शर्त लगा सकती है।AAP सरकार ने वित्तमंत्री हरपाल चीमा की अगुआई में कैबिनेट सब कमेटी बनाई थी। जिसमें मंत्री हरजोत बैंस और गुरमीत मीत हेयर भी मेंबर थे।पॉलिसी बनाकर होंगे रेगुलरपंजाब सरकार इस संबंध में पॉलिसी बनाएगी। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के उमा देवी Vs कर्नाटक सरकार वाले फैसले को भी ध्यान में रखा गया है। पिछली कांग्रेस सरकार ने भी कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा की लेकिन कानूनी स्क्रूटनी में इस पर पेंच फंस गया। इसलिए AAP सरकार अब पॉलिसी बनाते हुए इन कर्मचारियों के लिए अलग कैडर बना सकती है।चन्नी सरकार के प्रपोजल पर गवर्नर ऑफिस से लगा था ऑब्जेक्शनपिछली कांग्रेस सरकार में भी इन कर्मचारियों को पक्का करने का ऐलान हुआ था। तत्कालीन सीएम चरणजीत चन्नी की अगुआई में सरकार ने कैबिनेट में प्रस्ताव पास कर गवर्नर को भेज दिया। हालांकि उसे गवर्नर की मंजूरी नहीं मिली। गवर्नर ऑफिस से कई कोर्ट में चल रहे केसों का ऑब्जेक्शन लगा सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया। चन्नी सरकार ने ऑब्जेक्शन क्लियर नहीं किए। चुनाव में फायदा उठाने के लिए पहले ही पूरे पंजाब में कर्मचारियों को पक्के करने के बोर्ड लगा दिए।

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