बोले- राज्य सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही, कुछ प्रोजेक्ट लोगों के हित में नहीं
अमृतसर: पंजाब में किसान 12 सितंबर को कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के घर का घेराव करने जा रहे हैं। किसानों ने इससे पहले शनिवार डीसी अमृतसर और पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा। उनका कहना है कि राज्य सरकार उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं ले रही। वहीं कुछ प्रोजेक्ट राज्य सरकार द्वारा चलाए गए हैं, जो लोगों के हित में नहीं है।किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि विश्व बैंक की तरफ से नहरी पानी को निजी कंपनियों के हवाले किया जा रहा है। वे पानी को साफ करके लोगों को बेचेंगे। किसान इस प्रोजेक्ट को रोकने की मांग कर रहे हैं। इसी तरह बिजली विभाग को पूर्ण रूप से प्राइवेटाइज करने के लिए बिजली शोध बिल 2022 लाया जा रहा है। इसे भी रद्द करने की मांग उठाई गई है। इसके अलावा किसानों का बकाया और कर्जा माफ करने की मांग किसान कर रहे हैं।स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव की मांगपंधेर ने बताया कि किसान को स्वामीनाथन रिपोर्ट के अनुसार फसलों के भाव दिए जाएं। बेरोजगारों के लिए पॉलिसी, लंपी से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई, बॉर्डर पार की जमीनों का मुआवजा आदि मांगें किसान सरकार से कर रहा है, लेकिन सरकारों को मानने से इंकार कर रही है। इसी के चलते 12 सितंबर को पूरे पंजाब में मंत्रियों और विधायकों के घर का घेराव किया जाएगा।
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