ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

कोविड जांच में ही लगा दिए 2 घंटे; ऑक्सीजन लगाने से पहले दम तोड़ा

बिलासपुर: बीमार बेटी की मौत पर मचाया बवाल।छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सिम्स में 18 साल की लड़की की मौत होने पर परिजनों ने जमकर हंगामा मचाया और शव रखकर प्रदर्शन करने लगे। आरोप है कि युवती गंभीर हालत में तड़पती रही, फिर भी डॉक्टरों ने उसे भर्ती नहीं किया। पहले कोरोना जांच के बहाने दो घंटे तक रखे रहे और फिर बाद में ICU के बजाए जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया। वहां भी उसे ऑक्सीजन नहीं लगाया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। शव रखकर हंगामा मचाने पर प्रबंधन ने पुलिस को बुला लिया और परिजन को धमकाना शुरू कर दिया।जानकारी के अनुसार कोनी की रहने वाली रानू सोनवानी (18) पिता राजकुमार सोनवानी को बुधवार अचानक सीने में दर्द उठा और उसे उल्टी होने लगी। उसकी हालत देखकर परिजन बुधवार दोपहर उसे लेकर सिम्स पहुंचे। लेकिन, यहां उसे भर्ती करने और उपचार करने के बजाए डॉक्टरों ने बिठाए रखा, जिसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ती चली गई।परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का लगाया आरोप।जनरल वार्ड में कर दिया भर्तीयुवती की हालत गंभीर होने के बाद भी डॉक्टरों ने उसे सीधे ICU में भर्ती नहीं किया। बल्कि जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया। यहां समय पर डॉक्टरों ने उसकी जांच नहीं की और न ही उसे ऑक्सीजन लगाया। ऑक्सीजन लगाने में ही डॉक्टरों ने डेढ़ घंटे की देरी की। इसके चलते युवती की मौत हो गई।शव ले जाने से किया इंकार, लापरवाही के लगाए आरोपबेटी को मृत घोषित करने के बाद परिजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। उन्होंने शव को घर लेकर जाने से इंकार कर दिया गया। मृतका के चाचा शिवा सोनवानी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही के कारण बच्ची की जान गई है। गंभीर हालत को देखते हुए भी ऑक्सीजन लगाने में देरी की गई। कोई सीनियर डॉक्टर भी समय पर देखने नहीं आए। वहीं, इलाज में देरी होने के कारण उनकी बेटी की मौत हो गई।बेटी की मौत के बाद बिलख-बिलख कर रोती रही मां।कोरोना जांच में ही लगा दिया दो घंटापरिजनों ने आरोप लगाते हुए कहा कि बार-बार बुलाने के बाद भी कोई डॉक्टर मरीज को देखने के लिए तैयार नहीं हुआ और कोरोना जांच कराने के लिए बोलते रहे। करीब दो घंटे तो केवल कोरोना जांच में ही लगा दिए। इसकी वजह से उनकी बेटी की तबीयत और बिगड़ गई।पहले बता देते तो हम प्राइवेट अस्पताल ले जातेपरिजनों का कहना था कि मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए भी उसे जानबूझकर जनरल वार्ड में भर्ती कर दिया गया। समय रहते उसे ICU में इलाज मिल जाता तो उसकी मौत नहीं होती। CIMS में उन्हें यदि समय रहते बता दिया जाता कि यहां इलाज नहीं हो पाएगा आप निजी अस्पताल ले जाओ तो हम अपनी बच्ची को प्राइवेट अस्पताल ले जाते।हंगामा मचाने के बाद परिजनों को धमकाने बुला लिया गया पुलिस।पुलिस की समझाइश पर शांत हुआ मामलापरिजनों के हंगामा मचाने और शव ले जाने से मना करने के बाद उल्टा सिम्स के डॉक्टर और स्टाफ उन्हें धमकाने लगे। इस दौरान उन्होंने पुलिस को बुला लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाइश दी। फिर भी परिजन कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। बाद में समझाइश के बाद परिजन शव लेकर जाने के लिए तैयार हुए।डीन बोले- मरीज को प्राइवेट अस्पताल से लेकर आए थे परिजनइधर, सिम्स के डीन डॉ.के.के सहारे ने बताया कि बच्ची को परिजन गंभीर हालत में किसी निजी अस्पताल से लेकर सिम्स आए थे। इसके चलते उसकी स्थिति काफी गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे बचाने का पूरा प्रयास किया। सिम्स में 150 सिलेंडर एक्सट्रा है, जिसे इमरजेंसी के लिए रखा गया है। ऑक्सीजन की कमी के कारण बच्ची की मौत नहीं हुई है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.