ज़िला प्रशासन कृषकों को उर्वरक उपलब्ध कराने के लिये कटिबद्ध है : जिलाधिकारी
जहानाबाद। ज़िला प्रशासन की ओर से एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कृषकों को सलाह दिया गया है कि संतुलित मात्रा में उर्वरकों का उपयोग करें। रबी 2022-23 में गेहूँ फसल की बुवाई प्रगति पर है। जिले में दलहनी एवं तेलहनी फसलों सहित गेहूँ की अभी तक 95 प्रतिशत से अधिक की बुवाई हो चुकी है। सुझाव है कि कृषक बन्धु गेहूँ की बुवाई के 20-25 दिनों के बाद प्रथम सिंचाई करें तथा 60 कि.ग्रा.यूरिया प्रति हेक्टेयर की दर से छिड़काव करें। पुनः फसल में द्वितीय सिंचाई 80-85 दिनों के बाद करें तथा पुनः 60 कि.ग्रा. यूरिया का उपरिवेशन छिड़काव करें। अधिक मात्रा में यूरिया के प्रयोग से भूमि की उर्वरता तथा उत्पादित फसलों के दानों की पुष्टता एवं गुणवत्ता में ह्रास हो जाता है तथा फसलों में कीट-व्याधि के प्रकोप की संभावना भी काफी बढ़ जाती है। जिससे फसलों के रख-रखाव की समय-सीमा कम हो जाती है और किसान बन्धुओं को फसलों का मिलनेवाला बाजार मूल्य में भी कमी हो जाती है। वर्तमान समय में जिले में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। यदि निर्धारित मूल्य से अधिक मूल्य पर उर्वरकों की बिक्री करने अथवा अन्य उत्पादों की टैगिंग कर बिक्री करने और भंडार में उर्वरक उपलब्ध रहने पर जरूरतमंद कृषकों को उपलब्ध नहीं कराने पर प्रतिष्ठान के दुकानदारों की गलत मंशा और उर्वरक कालाबाजारी में सम्मिलित होना माना जायेगा और उनके विरूद्ध दण्डात्मक कार्रवाई की जायेगी। जिले में उर्वरकों की निर्धारित मूल्य पर सूचारू वितरण व्यवस्था हेतु लगातार छापेमारी की जा रही है और पंचायतों के कृषि समन्वयकों को प्रतिष्ठानवार सम्बद्ध कर प्राप्त उर्वरक का सत्यापन कर बिक्री कराने का निदेश सभी संबंधित कृषि समन्वयकों/ प्रखण्ड तकनीकी प्रबंधकों/ सहायक तकनीकी प्रबंधकों को दिया गया है। जिसका पर्यवेक्षण प्रखण्ड स्तर पर प्रखण्ड कृषि पदाधिकारी द्वारा किया जा रहा है।