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JNU की पहली महिला कुलपति की नियुक्ति को वरुण गांधी ने बताया ‘औसत’

नई दिल्ली: जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) की पहली महिला कुलपति प्रो. शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित इन दिनों खूब सुर्खियों में है। दरअसल, प्रो. शांतिश्री के अंग्रेजी में लिखे गए एक पत्र में अनेक व्याकरण की गलतियां दिखाते हुए भाजपा सांसद वरुण गांधी ने उनकी नियुक्ति को औसत दर्जे का करार दिया।

वरुण गांधी ने ट्विट कर पंडित द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री को धन्यवाद देने वाले पत्र को साझा करते हुए कहा कि नई जेएनयू कुलपति द्वारा जारी यह प्रेस विज्ञप्ति निरक्षरता का प्रदर्शन करता है और व्याकरण की गलतियों से भरा पड़ा है

उन्होंने आगे लिखा कि इस तरह की साधारण नियुक्तियां हमारी मानव पूंजी और हमारे युवाओं के भविष्य को नुकसान पहुंचाने का काम करती हैं। इस दौरान उन्होंने पत्र में मौजूद अंग्रेजी की कई व्याकरण की गलतियों का भी उल्लेख किया।

बता दें कि सोमवार को सावित्रीबाई फुले पुणे यूनिवर्सिटी में राजनीति एवं लोक प्रशासन विभाग की प्रोफेसर शांतिश्री धुलीपुड़ी पंडित को जेएनयू का नया कुलपति नियुक्त किया गया। जेएनयू की स्थापना के बाद से वह पहली महिला कुलपति हैं। उनकी नियुक्ति के बाद ही उनके नाम के एक अपुष्ट ट्विटर हैंडल से किए गए विवादित ट्वीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया था।

उन ट्वीट्स में जामिया मिलिया इस्लामिया और सेंट स्टीफंस कॉलेज को सांप्रदायिक कैंपस बताया गया था, भारतीय ईसाइयों के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा इस्तेमाल की गई थी और तो और नागरिक अधिकार कार्यकर्ताओं को मानसिक तौर पर बीमार जिहादी बताया गया था।

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