जहानाबाद के अंशुमान और बबीता भी फंसे यूक्रेन में।
जहानाबाद ! यह सर्वविदित है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध जारी है। ऐसे में यूक्रेन से भारतीय छात्र लगातार वापस अपने वतन लौट रहे हैं। वहीं जहानाबाद शहर के नगर थाना क्षेत्र के कृष्ण पुरी मोहल्ला का रहने वाला अंशुमान भी यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे युद्ध में फंस गया है। अंशुमान का पूरा परिवार सदमे में डूबा हुआ है। उनके माता पिता ने भारत सरकार और बिहार सरकार से मदद की गुहार लगा रही है।
अंशुमान 2018 में एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन गया था। अब जब दो देशों के बीच युद्ध छिड़ गया है तो ऐसा लग रहा है कि जान बचाना भी मुश्किल हो गया है। अंशुमान के पिता अमरेंद्र कुमार ने बताया कि, लगभग 4 वर्षों से वह यूक्रेन में ही रह कर एमबीबीएस की पढ़ाई किया करता था। लॉकडाउन रहने की वजह से पिछले वर्ष वह जहानाबाद आया हुआ था। जब लॉकडाउन समाप्त हुआ तो वह 9 फरवरी को बाकी की पढ़ाई करने के लिए यूक्रेन वापस चला गया।
अंशुमान के पिता अमरेंद्र कुमार ने बताया कि, बीती रात 9:10 बजे अंशुमान से बात हुई थी। वह काफी घबराया हुआ है। उससे फोन पर बात करते समय बमबारी की आवाज आ रही है। उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। अंशुमान के माता पिता ने भारत सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि जल्द से जल्द अपने बेटे को सुरक्षित अपने देश भारत लाने में मदद करने की बात कर रहे हैं। हम लोग की चिंता दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। ऐसी स्थिति में जो भी भारत के बच्चे वहां पढ़ रहे हैं उन तमाम बच्चों को अपने देश वापस लाने की मांग भी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अंशुमान ही नहीं बल्कि ज़िला के कई लोग यूक्रेन में फंसे हुए हैं। जिले के घोसी थाना क्षेत्र के बभनपुरा गांव निवासी सुनील शर्मा की पुत्री बबीता कुमारी भी एमबीबीएस की पढ़ाई करने के लिए रूस गई थी। युद्ध आरंभ होने के कारण वह भी यूक्रेन के इवानो शहर में फंसी हुई है। इसके माता-पिता दमन में नौकरी करते हैं। यूक्रेन में बिगड़ते हालातों से माता-पिता का हालत भी काफी नाजुक है। इन लोगों ने भी राज्य एवं केंद्र सरकार से अपनी पुत्री को सुरक्षित वापस लाने की अपील की है।