ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

बज्मे राही द्वारा आयोजित खानकाह करीमिया बीथो शरीफ में हुआ शानदार मुशायरा

सैयद फरहत हुसैन खुशदिल द्वारा लिखित दो संग्रह नक़ुश ए खुशदिल एवं तफफीम ओ तंकीद का हुआ विमोचन

गया ( प्रेस विज्ञप्ति ) मगध धरती की प्रसिद्ध साहित्यिक संगठन बज्मे राही द्वारा आयोजित सैयद गुफ़रान अशरफ़ी सज्जादा नशीन खानक़ाह करीमिया की अध्यक्षता में खानकाह करीमिया बीथो शरीफ में एक शानदार 316 वां तरही मुशायरा आयोजित किया गया। संचालन खालिक हुसैन परदेसी ने किया। विशिष्ट अतिथि के रूप में सैयद फरहत हुसैन खुशदिल हजारीबाग और श्री सोमंत गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन महामन्त्री, सम्मानित अतिथि के रूप में मोनाजिर हसन शाहीन और डाक्टर एहसान ताबिश, विशिष्ट अतिथि सैयद राशिद कादरी, पटना से आए कवि शकील सासारामी, वारिस इस्लामपुरी, और सासाराम के जाने-माने कवि अख्तर इमाम अंजुम ने मुख्य रूप से भाग लिया, मुशायरे की शुरुआत कारी इमरान आजाद रहबरी नवादा द्वारा पवित्र कुरान पाठ से हुई, जिसके बाद कवि फरहत हुसैन खुशदिल ने सुरीली आवाज में नात पाक पेश की उनकी ही दो किताब नक़ुश ए खुशदिल एवं तफफीम ओ तंकीद का विमोचन भी हज़रत शाह गफ़रान अशरफ़ी और उपस्थित अतिथियों के हाथों से किया गया। मुशायरे में जिन शायरों कवियों ने शेर सुनाया उनके नाम है शाह गफ़रान अशरफ़ी, मोनाजीर हसन शाहीन, डॉ एहसान ताबिश, श्री सुमंत, फरहत हुसैन खुशदिल,अख्तर इमाम अंजुम, शकील सहसरामी, वारिस इस्लामपूरी, डॉ. एजाज मानपुरी, कारी अनीस फरीदी, इरफ़ान मानपुरी, शोहरत ओरंगाबादी, डॉ. आफताब आलम अतहर, कारी इमरान आजाद रहबरी, डॉ मतीन उद्दीन मतीन, शराफत अली शराफत, जफर फिरदौसी, उजैर हमजापूरी, गुलाम मुजतबा महर, शाहीन वसी गुल, हैदर वारसी, सुल्तान शम्सी, नसीर आदिल, एजाज अनवर मुख्य हैं। मुख्य श्रोता में सैयद अकील अहमद अशरफी, अखलाक अहमद, मुहम्मद सिराजुद्दीन अशरफी, डॉ आफताब आलम, सैयद मोकीम शाद अशरफ, फैजी अशरफ, तबीश अशरफ, आरफीन अशरफ एवं बड़ी संख्या में श्रोताओं ने उपस्थिति दिखाई। अगले महीने के लिए शेर की पंक्ति प्रकार घोषणा भी की गई, छंद इस प्रकार है: ” प्यासी है कायनात तो दरिया हुसैन हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.