अरविंद कुमार की नई पुस्तक ‘बूँद भर बात’ पुस्तक का हुआ विमोचन
गया; पुलिस लाइन के पीछे स्थित सिंगरा स्थान पहाड़ी पर रविवार की खुली धूप में अरविंद कुमार की नयी पुस्तक ‘बूँद भर बात ‘का विमोचन विभिन्न जिलों से आए विशिष्ट व्यक्तियों,साहित्यसेवियों और गया जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के सभापति के हाथों हुआ। इस अवसर पर पटना से आए वरिष्ठ साहित्यकार डा भगवती प्रसाद द्विवेदी, आर्यभट्ट विश्वविद्यालय के पूर्व डीन एवं शिक्षाविद डा ज्ञानदेव मणि त्रिपाठी,पटना कॉमर्स के अँग्रेजी के विभागाध्यक्ष डा सुबोधकुमार झा,सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र ने अरविंद कुमार की नयी रचना बूँद भर बात की विशिष्टताओं पर भी प्रकाश डाला।भगवती प्रसाद द्विवेदी ने पुस्तक के शीर्षक पर कहा कि ये बूँद नहीं विचारों के मोती हैं जो सागर समान हैं।डाक्टर त्रिपाठी ने कहा कि रचनाकार ने पुस्तक में ऐसे पात्रों को उकेरा है जो हमारे घरों के दैनिक कामकाज की धुरी हैं फिर भी हम उन्हें हाशिए पर रखते हैं।प्रोफेसर सुबोध झा ने एक सौ बारह पृष्ठों की पुस्तक के कुछ पाठों को उदृत करते हुए कहा कि लेखक ने बड़ी गहराई से उन मुद्दों को उठाया है जिन पर अभी से ध्यान देने की जरूरत है।कार्यक्रम का संचालन डा नरेन्द्र देव ने किया।इस अवसर पर नालंदा से अरशद रजा, कृत प्रसाद, जमुई से अशोक कुमार ,सीवान से सुमन,मुजफ्फरपुर से गोपाल फलक ,देवघर से विकास कुमार जैसे शिक्षाविद की उपस्थित रही।गया जिला कार्यक्रम पदाधिकारी असगर आलम खाँ,दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के प्रबंधक विजय कुमार,टीचर ट्रेनिंग काॅलेज के प्राचार्य डा अनुज कुमार, डायट गया के प्राचार्य डा शुक्ला,सुमंत, अरूण हरलिवाल,उदय कुमार ने भी पुस्तक पर अपने विचार रखे।किसी हाॅलनुमा कमरे के बजाय खुले आसमान के नीचे पुस्तक विमोचन के इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में/शिक्षक, प्रशिक्षक, हेडमास्टरों की उपस्थिति रही।सबने खुली धूप में भोज का भी आनंद उठाया।विदित हो कि ‘बूँद भर बात ‘का प्रकाशन अभिधा प्रकाशन ने किया है।कुल सैंतीस अध्याय की इस पुस्तक में कुछ संस्मरण,कुछ भविष्य के लिए चित्रण तो कुछ ज्वलंत समस्याओं के समाधान पर लेखक ने रोचक ढंग से बात रखी है।लेखक अरविंद कुमार अपने संवाद शैली को लेकर पाठकों में बड़े लोकप्रिय रहें हैं।बूँद भर बात उसी कोटि की पुस्तक है।लेखक ने अपने उदबोधन में कहा कि अपने गिर्दोपेश परिवेश से ही उन्हें लिखने की विषय वस्तु मिलती है।इस अवसर पर सभापति सुरेंद्र सिंह सुरेंद्र ने कविता पाठ करके वाहवाही पायी। आगंतुक अतिथियों ने सिंगरा स्थान पहाड़ी पर बने नवनिर्मित पार्क की सुंदरता की बड़ी सराहना की और ऐसे सुरम्य जगह पर पुस्तक का लोकार्पण को नवाचार बताया।