नीतीश कुमार समाधान यात्रा नहीं चिंतन जात्रा करें
विकास से जुड़े अधिकारियों को साल में एक बार नार्को टेस्ट करवाएं
फतुहा। नीतीश जी सबसे बड़ी समस्या है अपराध और भ्रष्टाचार? अपराध करने के लिए आवश्यकता पड़ती है हथियार और कारतूस की। इन दोनों बंद कैसे हो इस पर चिंतन करें?
पहला अपराध में इस्तेमाल होने वाली हथियारों को बरामद करना अनिवार्य कर दें तथा कारतूस कौन दुकानदार उपलब्ध कराता है, उसका उद्भेदन करना अनिवार्य कर दें। हथियारों का दुकान प्राइवेट नहीं सरकारी दुकान हो तथा एसपी कार्यालय के प्रांगण में हो ,पुलिस की तरह ही कारतूस का इस्तेमाल करने का विवरण के साथ-साथ इस्तेमाल किया गया कारतूस वापस करना भी अनिवार्य करना होगा। ऐसे कदम उठाने से अपराध नगर की ओर वह जाएगी सिर्फ झगड़ा झंझट होगा वह भी लाठी-डंडे से! नीतीश जी भ्रष्टाचारियों द्वारा भ्रष्टाचार नहीं रोका जा सकता है, इसके लिए छोटा सा कदम यह उठाना होगा। वैज्ञानिकों द्वारा साइकिल से लेकर हवाई जहाज अविष्कार किया गया है। यह इस्तेमाल आम लोगों द्वारा किया जा रहा है। वैज्ञानिकों द्वारा ही नारकोटिक्स (झूठ पकड़ने)वाला मशीन का आविष्कार किया गया है। इस मशीन को दो स्थानों पर इस्तेमाल किया जा सकता है। पहला नौकरी देने से पहले नारको टेस्ट करवाना होगा, कि जिससे पिछले इतिहास का चरित्र प्रमाण पत्र मिल जाएगा । इससे होगा कि नौकरी में ईमानदार और संस्कारवान का ही प्रवेश होगा ? तथा विकास से जुड़े अधिकारी को साल में एक बार नारकोटिक्स करवाना होगा? नारको टेस्ट प्रखंड कार्यालय, अंचल कार्यालय, कृषि से संबंधित कार्यालय, सप्लाई इंस्पेक्टर, शिक्षक, चिकित्सक, बिजली कार्यालय के पदाधिकारी गण को साल में एक बार नारको टेस्ट करवाना अनिवार्य कर दी जाए?
नारको टेस्ट का घोषणा होते ही त्यागपत्र देने के लिए कतार सज जाएगी।इस कदम से सचमुच स्वर्ग हो जाएगा। आपका छवि इमानदार मुख्यमंत्री में है, आशा है कि यह कदम आप अवश्य उठाएंगे।