ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जिले में चलाया जाएगा कालाजार मरीजों की खोज का सघन अभियान

कालाजार मरीजों के घर के 500 मीटर की परिधि में चलेगा सघन अभियान

 

मोतिहारी। आपको बता दें कि पूरे प्रदेश में कालाजार उन्मूलन को लेकर सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग काफी गंभीर है। जिलों से कालाजार का उन्मूलन हो, इसे सुनिश्चित करने को लेकर अपर निर्देशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ विनय कुमार शर्मा ने जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी को पत्र जारी कर नया निर्देश दिया है। इस निर्देश के अनुसार, फरवरी माह के प्रथम सप्ताह से कालाजार भीएल, (पिकेडीएल) के छुपे मरीजों की आशा कार्यकर्ताओं द्वारा जिले के कालाजार मरीजों के घर के 500 मीटर की परिधि में सघन खोज का जायेगी। वहीं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शरत चन्द्र शर्मा ने बताया कि जल्द ही आशा कार्यकर्ताओं व स्वास्थ्य कर्मियों का केयर इंडिया द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम कराया जाएगा, वहीँ आशा फैसिलिटेटर द्वारा आशा कार्यकर्ताओं की पर्यवेक्षण भी की जाएगी। कालाजार अभियान की सफलता के लिए अधिकारियों द्वारा कार्यों का अनुश्रवण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2020, 2021, 2022 में कालाजार से प्रभावित लोगों पर विभाग की विशेष नजर रहेगी, इसके तहत कालाजार मरीजों के घरों के 500 मीटर के दायरे में कालाजार मरीजों की का खोज की जाएगी। वहीं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ शर्मा ने बताया कि कालाजार मरीज खोज अभियान के दौरान सामुदायिक स्तर पर लोगों को कालाजार से बचाव के लिए जागरूक किया जाएगा। लोगों को कालाजार के कारण, लक्षण, बचाव एवं इसके उपचार की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। वहीं डॉ शरत चंद्र शर्मा ने बताया कि कालाजार मरीजों की जाँच की सुविधा जिले के सभी पीएचसी में नि:शुल्क उपलब्ध है। जबकि, सदर अस्पताल में समुचित इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके कारण संक्रमित मरीज मिलने पर उन्हें संबंधित पीएचसी द्वारा सदर अस्पताल रेफर किया जाता है। मरीजों को सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने पर श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में सरकार द्वारा 7100 रुपये की राशि दी जाती है। पीकेडीएल मरीजों को पूर्ण उपचार के बाद सरकार द्वारा 4000 रुपये श्रम क्षतिपूर्ति के रूप में दिये जाने का प्रावधान है।

– कालाजार के लक्षण
– लगातार रूक-रूक कर या तेजी के साथ दोहरी गति से बुखार आना।
– वजन में लगातार कमी होना।
– दुर्बलता।
– मक्खी के काटे हुए जगह पर घाव होना।

Leave A Reply

Your email address will not be published.