ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

पर्यावरण प्रहरी सम्मान से सम्मानित युवा

पटना। जगत ट्रेड सेंटर फ्रेजर रोड स्थित सीएमए आर्केड में एनजीओ हेल्पलाइन और प्रेम युथ फाऊंडेशन की संयुक्त तत्वाधान में जलवायु परिवर्तन , परिणाम और समाधान विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। दर्जनों युवाओ को पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए पर्यावरण प्रहरी सम्मान से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपस्थित एनजीओ हेल्पलाइन के निदेशक ( डॉ. ) सीए. संजय कुमार झा ने कहा कि जलवायु परिवर्तन पृथ्वी के औसत मौसम पैटर्न और तापमान में दीर्घकालिक परिवर्तनों को संदर्भित करता है, जो जीवाश्म ईंधन जलाने, वनों की कटाई और औद्योगिक प्रक्रियाओं जैसी मानवीय गतिविधियों के कारण समय के साथ बदलते देखे गए हैं। मानव गतिविधियों के कारण पृथ्वी के औसत तापमान में क्रमिक वृद्धि से मौसम के मिजाज में बदलाव, समुद्र का स्तर बढ़ना, ध्रुवीय बर्फ की चोटियों का पिघलना और पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य पर अन्य प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन को आज दुनिया के सामने सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक चुनौतियों में से एक माना जाता है, और इसके प्रभावों को कम करने और इसके प्रभावों के अनुकूल होने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है। डॉ. झा ने बताया कि जलवायु परिवर्तन वैश्विक तापमान, वर्षा पैटर्न और अन्य जलवायु कारक के कारण दीर्घकालिक परिवर्तन को संदर्भित करता है। ये परिवर्तन मुख्य रूप से मानवीय गतिविधियों से संचालित होते हैं, जैसे कि जीवाश्म ईंधन को जलाना और वनों की कटाई, ग्रीनहाउस गैसों जो बड़ी मात्रा में , वायुमंडल में छोड़ते हैं। जलवायु परिवर्तन के प्रभाव दूरगामी हैं और इन्हें कई अलग-अलग तरीकों से महसूस किया जा सकता है, जैसे बढ़ता तापमान , वर्षा में परिवर्तन , समुद्र का जलस्तर बढ़ना , महासागर अम्लीकरण , पारिस्थितिक तंत्र में परिवर्तन आदि प्रमुख हैं। इस अवसर पर उपस्थित प्रेम युथ फाऊंडेशन के संस्थापक अध्यक्ष गांधीवादी प्रेम कुमार ने कहा कि जलवायु परिवर्तन एक जटिल और बहुआयामी समस्या है जिसे दूर करने के लिए वैश्विक प्रयास की आवश्यकता है। इसके प्रभाव को कम करने में मदद करने के लिए व्यक्ति, समाज , सरकारें और संगठन कई कार्य कर सकते हैं। जलवायु परिवर्तन पर काबू पाने के कुछ तरीके के तौर पर उन्होने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और सौर, पवन और जल विद्युत जैसे नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों में परिवर्तन करके, ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देकर और कम कार्बन वाले परिवहन विकल्पों को अपनाकर इन उत्सर्जन को कम करने की आवश्यकता , सतत कृषि और भूमि उपयोग का समर्थन , प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और बहाली को बढ़ावा देना , समाज को शिक्षित करना और जागरूकता बढ़ाना , नीति परिवर्तन की वकालत की और जलवायु परिवर्तन के दुष्परिणामों से बचने के लिए सामूहिक प्रयासों और स्थिरता के लिए दीर्घकालिक प्रतिबद्धता की आवश्यकता है। सभी स्तरों पर कार्रवाई करके, हम जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने में मदद कर सकते हैं और आने वाली पीढ़ियों के लिए अपने धरती की रक्षा कर सकते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.