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जातिवादी नेता आतंकवादी से भी खतरनाक : प्रेम कुमार

पटना। प्रेम यूथ फाउंडेशन की ओर से राष्ट्रीय एकता शिविर का आयोजन सीएमए के सभागार पटना में किया गया। शिविर का उद्घाटन एनजीओ हेल्पलाइन के निदेशक सीए संजय कुमार झा ने दीप प्रज्वलित कर किया। अपने संबोधन में सीए झा ने कहा कि हम इसलिए पिछड़े है क्योंकि जातियों में विखडे है। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों को आड़े हाथों लेते हुये बताया कि आजादी के इतने दिनों बाद भी भारत का राजनीतिक दलों का मुद्दा जाति और धर्म पर ही टिका है। यहाँ हर चुनाव और गठबंधन जाति के आधार पर होती है टिकट के बंटबारे से लेकर मंत्री और मुख्यमंत्री तक का चयन जाति देखर किया जाता है। सभी जाति और धर्म के लोग अपने अपने जाति बाले गुंडों को रॉक स्टार के रूप में पूजते हैं। जिस देश का हर नेता जाति का दुकान चला रहा हो उस देश का विकास कदापि संभव नही है। वहीं मौके पर उपस्थित फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने कहा कि जातिवाद और धार्मिक उन्माद जहर के समान है और जातिवादी नेता आतंकवादी से भी खतरनाक। भिन्नता में एकता भारत की पहचान है तो गंगा यमुनी सँस्कार हमारी शान है। भारत मे हिन्दू, मुश्लिम, सिख, ईसाई, जैन, पारसी, वौद्ध और वहाई एक साथ बिना किसी भेदभाव के सामाजिक समरसता के साथ रहते हैं। आये दिन देश मे जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र, रंग के नाम पर लोगों को लड़ाने का षड्यंत्र रचा जाता है युवाओ को ऐसे तत्वों से सावधान रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मनुष्य की उतपत्ति के दो सिद्धान्त है वैज्ञानिक और धार्मिक दोनों में एक ही प्रकार से इंसान का निर्माण बताया गया है। यह जाती और धर्म मनुष्य का बनाया हुआ है जिसे सुविधानुसार लोग बदलते भी है। हमें सभी भाषा और धर्म को सम्मान करना चाहिए। मजहब नही सिखाता आपस मे बैर रखना। हमे धर्म के ठीकेदारों के बहकावे में आकर सामाजिक सद्भाव को खराब नही करना है। पण्डित,मौलवी, पादरी या धर्म गुरु समाज में नफरत फैलाने वाले हो तो उसका वहिष्कार करे। राष्ट्रीय एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाये रखने की जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर ही है। शिविर को संबोधित करने बालों में पर्यावरण प्रहरी मो कमाल प्रवेज, राजीव कुमार, दिलीप कुमार, सुधांशू राज, प्रेरणा विजय, रागनी कुमारी, तान्या सिंह, प्रिया कुमारी, शामिल है।

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