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जीएसटी संशोधन विधेयक को विधानमंडल से पारित

पटना। माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2023 बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों से बुधवार को पारित हो गया। पहले बिहार विधानसभा से फिर बिहार विधान परिषद से पारित किया गया। विधेयक को दोनों सदनों में वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री विजय कुमार चौधरी ने पेश किया जिसे दोनों सदन के सदस्यों ने पारित कर दिया। इस दौरान मंत्री ने स्वीकृति का प्रस्ताव करते हुए कहा कि पूरे देश में जीएसटी के लिए एक कर प्रणाली लागू है। कानून केन्द्र व राज्य स्तर पर अलग-अलग है मगर इसमें पूर्ण समरूपता है। उन्होंने कहा कि करदाता व सरकार को हो रही परेशानी को दूर करने के लिए यह संशोधन लाया गया है। उन्होंने कहा कि 2017 में जीएसटी लागू होने के बाद समय समय पर सरकार की ओर से जनसुविधाओं को देखते हुए संशोधन किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि वधेयक के जरिये बिहार माल और सेवा कर अधिनियम की कई धाराओं में संशोधन किया गया है। कई धाराओं के स्थान पर नयी धाराओं को प्रतिस्थापित किया गया है। साथ ही कई धाराओं को खत्म किया गया है। कई मामलों में जीएसटी से छूट दी गयी है। कहा कि बिहार माल और सेवा कर संशोधन विधेयक मेें ई-कॉमर्स आॅपरेटर के जरिये केवल मालों की आपूर्ति करने वाले कर दाताओं को कंपोजिशन स्कीमका विकल्प उपलब्ध कराना, इनपुट टैक्स के्रडिट का लाभ प्राप्त करने के प्रतिबंधों को विस्तारित करना, निबंधन रद्दीकरण को समाप्त करने के लिए आवेदन दाखिल किये जाने लिए अधिनियम में निर्धारित समयसीमा को खत्म करते हुए नियम बनाने का प्रावधान, आउटवार्ड सप्लाई के ब्योरे, मासिक विवरणी तथा ई-कॉमर्स आॅपरेटर द्वारा दाखिल की जाने वाली विवरणी जमा करने के लिए समयसीमा के तीन वर्ष का निर्धारण, विलंब से जमा किये रिफंड के मामलों में ब्याज की उपलब्ध समयसीमा का विस्तार, माल और सेवा कर अधिनियम के तहत न्यायाधिकरण के गठन से बाहर किया जाना तथ बगैर इनवॉयस के मालों अथवा सेवाओं की आपूर्ति को छोड़कर शेष मामलों में अधिनियम के तहत अभियोजन शुरू करने की मौद्रिक सीमा का विस्तार आदि मुख्य रूप से शामिल किया गया है।

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