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प्यासे कंठ के साथ बच्चे करते हैं पढ़ाई ऐसी हैं इस विद्यालय की कहा

रामगढ़ : एक और सरकार कहती हैं पड़ेगा इंडिया तभी तो बढ़ेगा इंडिया वही दूसरी ओर गर्मी की दस्तक देने से पहले विद्यालय में बच्चे पीने का पानी के लिए तरस रहे हैं।
रामगढ़ जिले के दोहाकातु पंचायत के लोलो स्थित राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पिछले लगभग एक सालों से पीने के पानी का संकट बना हुआ है। हालांकि वैश्विक महामारी कोरोना के वजह से काफ़ी महीनों तक विद्यालय बंद रहा परंतु अब सरकार द्वारा जारी किए गए गाइडलाइन के अनुसार स्कूलों को खोल दिया गया है। आपको बताते चले की स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे ही नहीं, बल्कि शिक्षक भी पीने के पानी की समस्या से परेशान हैं। मजबूरी में बच्चों को घर जाकर खुद तो पानी पीना पड़ता ही है। और साथ ही स्कूल के शिक्षकों के लिए भी बोतलों में भरकर पानी लाना पड़ता है। कई बार कनिय अभियंता के पास शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बच्चो ने बताया की विद्यालय में पिछले कई दिनों से जलमिनार खराब है तथा वाटर सप्लाई पूरी तरह से बंद है। इस कारण पीने के पानी बिल्कुल नहीं है। गर्मी अधिक होने के कारण दिन में प्यास अधिक लगती है। दिन में स्कूल में पढ़ने के बजाय कई-कई बार घरों से जाकर पानी लाना पड़ता है। बच्चों ने मांग की है कि पानी की समस्या दूर की जाए।

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