द इंस्टीट्यूट आफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स आफ इंडिया पटना साहिब ब्रांच पटना बिहार
द इंस्टीट्यूट आफ कॉस्ट अकाउंटेंट्स आफ इंडिया पटना साहिब ब्रांच पटना बिहार
यूथ हॉस्टल फ्रेजर रोड पटना में भारतीय कॉस्ट अकाउंटेंट एवं प्रबंधन संस्थान के छात्र-छात्राओं का प्रतिभा सम्मान आयोजित किया गया इस अवसर पर बिहार विधान सभा के अध्यक्ष श्री विजय कुमार सिन्हा उपस्थित थे
समारोह का उद्घाटन बिहार विधान सभा के अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया अपने संबोधन में कहा कि बिहार प्रतिभा के धनी प्रदेश है को उचित अवसर मिलें तो दुनिया में अपने प्रतिभाओं का लोहा मनवा सकते है उन्होंने युवाओं से सीएमए बनने के लिए प्रोत्साहित किया उन्होंने कहा कि बदलते बिहार में उद्योग का जाल बिछाया जा रहा है जिसमे भारी संख्या में सीएमए की जरूरत है
श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि भारतीय लागत लेखाकार संस्थान आईसीडब्लूएआई भारत की प्रमुख लेखांकन संस्था है जो लागत लेखा के व्यवसाय को आगे बढाने, नियंत्रित करने एवं विकसित करने का कार्य करती है और प्रोफेशनल कोर्स के रूप में उत्तम प्रदर्शन कर रही है तथा छात्र छात्राओं को रोजगार तथा स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रहा है !
इस अवसर पर ICMAI के पटना ब्रांच के अध्यक्ष सीएमए. आरबी ठाकुर ने कहा कि ICMAI इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स (IFAC), कॉन्फेडरेशन ऑफ एशियन एंड पैसिफिक अकाउंटेंट्स,और साउथ एशियन फेडरेशन ऑफ अकाउंटेंट्स (SAFA) का संस्थापक सदस्य है । आईसीएआई नेशनल फाउंडेशन ऑफ कॉरपोरेट गवर्नेंस (एनएफसीजी) का सदस्य है। आईसीएमएआई का मुख्यालय कोलकाता (सीएमए भवन, सडर स्ट्रीट, कोलकाता) में स्थित है और एक कार्यालय दिल्ली में है। संस्थान कोलकाता, चेन्नई, दिल्ली और मुंबई में स्थित अपनी चार क्षेत्रीय परिषदों, भारत में 101 अध्यायों और विदेशों में 10 अध्यायों के माध्यम से संचालित होता है ! इस संस्थान के सदस्यों को सीएमए के रूप में भी जाना जाता है। ICMAI में अब तक कुल 95, 000 सक्रिय सदस्य हैं।
इस अवसर पर उपस्थित इंडियन सीए. एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए. संजय कुमार झा ने कहा कि भारतीय लागत लेखाकार संस्थान (आईसीडब्लूएआई) भारत की प्रमुख लेखांकन संस्था है जो लागत लेखा के व्यवसाय को आगे बढाने, नियंत्रित करने एवं विकसित करने का कार्य करती है। सीए. झा ने कहा कि एक प्रमुख वैधानिक संस्था है ! पेशेवर लेखा निकाय के तहत भारत में अधिकार क्षेत्र का कारपोरेट मामलों के मंत्रालय , भारत सरकार लागत और प्रबंधन लेखा के पेशे को बढ़ावा देने, विनियमित करने और विकसित करने के उद्देश्य से भी संस्थान को ICMAI के नाम से भी जाना जाता है।
यह कॉस्ट एंड मैनेजमेंट अकाउंटेंसी का एकमात्र लाइसेंसिंग कम रेगुलेटिंग बॉडी है ! यह भारत में कंपनियों द्वारा लागत और प्रबंधन लेखा मानकों का पालन करने की सिफारिश करता है, जिन पर लागत रिकॉर्ड का वैधानिक रखरखाव लागू होता है। ICMAI के लिए सांविधिक लागत लेखा परीक्षा में अपनाई जाने वाली लेखा परीक्षा और आश्वासन मानकों की स्थापना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है लेखा परीक्षा की लागत भारत में बयान। यह आंतरिक लेखा परीक्षा , प्रबंधन लेखांकन आदि जैसे कई पहलुओं पर अन्य तकनीकी दिशानिर्देश भी जारी करता है , जिनका पालन लागत लेखाकारों को उनकी सेवाओं का निर्वहन करते समय किया जाना है। यह प्रदर्शन के कई पहलुओं पर उद्योगों, भारत सरकार के विभिन्न विभागों , भारत में राज्य सरकारों और भारत में अन्य नियामक प्राधिकरणों जैसे भारतीय रिजर्व बैंक , बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण , भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड आदि के साथ मिलकर काम करता है ।
इस अवसर पर उपस्थित आईसीएमआई , पटना साहिब ब्रांच के सेंटर इंचार्ज एमडी आसिफ ने लागत और प्रबंधन लेखाकार (सीएमए) योग्यता और पाठ्यक्रम पर प्रकाश डाला ! उन्होंने कहा कि एक छात्र को संस्थान की सहयोगी सदस्यता के लिए आवेदन करने के लिए पात्र होने के लिए तीन स्तरों की परीक्षा (फाउंडेशन, इंटरमीडिएट और फाइनल) पास करना होगा और तीन साल का व्यावहारिक प्रशिक्षण पूरा करना होगा।परीक्षाओं के विषयों में प्रबंधन लेखांकन , वित्तीय लेखांकन , रणनीतिक प्रबंधन , कराधान, कॉर्पोरेट कानून , वित्तीय प्रबंधन , व्यवसाय मूल्यांकन , वित्तीय रिपोर्टिंग और लागत और प्रबंधन लेखा परीक्षा आदि शामिल हैं। किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या समकक्ष की डिग्री परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्र सीधे इंटरमीडिएट स्तर पर प्रवेश के लिए पात्र हैं।
इस अवसर पर पटना साहिब ब्रांच के निदेशक सीएम कॉस्ट अकाउंटेंसी सीएमए आमानुदीन ने कहा कि यह सीए. मिलता-जुलता कोर्स है. द इंस्टीट्यूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क्स अकाउंटेंट ऑफ इंडिया कॉस्ट अकाउंटेंसी का कोर्स कराता है. 12वीं के बाद भी स्टूडेंट्स ICWA का कोर्स कर सकते हैं. इसके लिए 12वीं पास स्टूडेंट्स को पहले फाउंडेशन कोर्स करना होता है. कोर्स पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स को कॉस्ट अकाउंटेंट और इससे जुडे़ पदों पर काम करने का मौका मिलता है. इसके लिए द इंस्टीटय़ूट ऑफ कॉस्ट एंड वर्क अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया में आवेदन करना होता है. एडमिशन के लिए जून और दिसम्बर में एंट्रेंस एग्जाम होता है. फाउंडेशन कोर्स के बाद इंटरमीडिएट कोर्स करना होता है और फिर सीए की तरह ही फाइनल एग्जाम देकर कोर्स पूरा होता है.
छात्र-छात्राओं को हौसला बढ़ाते हुए , विधायक अरुण कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार का गौरवशाली अतीत रहा इसे पुनः प्राप्त करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए , अब बिहार से बाहर जाने की जरूरत नही है पटना में सीएमए की पढ़ाई हो रही है।
प्रेम यूथ फाउडेशन के संस्थापक गांधीववादी प्रेम जी ने कहा कि पटना साहिब चैप्टर के बच्चे देश विदेश में नाम कर रहे हैं। युवा ही है भारत का भाग्य विधाता । युवाओं के ताकत से देश हर क्षेत्र में आगे आ रहा । उन्होंने युवाओ को देश हित के लिए काम करने का आह्वान किया है सभी सफल छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र एम पुरुस्कार देकर सम्मानित किया गया
इस अवसर पर , कोलकत्ता से आए पूर्व सेंट्रल कौंसिल मेंबर अभिजीत गोस्वामी , सचिव रिजवान अहमद, सीएमए श्रवन कुमार , सीएमए सुधांशु , काशिफ़ुर रहमान, मुशर्रफ़ हुसैन, सोनू कुमार पटेल , लालबाबू मिश्रा , रोहित कुमार सहित भारी संख्या में छात्र छात्राओं ने शिरकत किया