दो मामलों में यूनियन बैंक से 250 करोड़ से अधिक की ठगी
नई दिल्ली: सीबीआई फाइल फोटो।देश में दो अलग-अलग मामलों में यूनियन बैंक व कई अन्य सरकारी बैंकों के समूह से 250 करोड़ रुपए से अधिक की ठगी के मामले सामने आए हैं। सीबीआई ने इन मामलों में एक ज्वेलर्स और एक निजी कंपनी के खिलाफ धोखाधड़ी के केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ये दोनों ही केस सीबीआई की भोपाल यूनिट द्वारा दर्ज किए गए हैं।सीबीआई ने पहला केस यूनियन बैंक आफ इंडिया की अगुवाई में कई बैंकों के कंसोर्टियम की शिकायत पर महाराष्ट्र की एक कंपनी यतिन स्टील इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, निदेशक यतिन खन्ना, पवन खन्ना, शारदा खन्ना व कई अन्य के खिलाफ दर्ज किया है। बैंक प्रबंधन का आरोप है कि उक्त आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैंक से संपर्क किया और उनसे क्रेडिट फैसिलिटी हासिल की।इस कार्य में कुछ बैंक अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं। इसके बाद आरोपियों ने 207 करोड़ रुपए का फंड फर्जी कंपनियों में डायवर्ट कर दिया। जजब बैंक ने छानबीन की जो आरोपी उनकी पकड़ से बाहर हो गए थे और उनके दस्तावेज फर्जी पाए गए।धोखाधड़ी का दूसरा केस यूनियन बैंक आफ इंडिया व कई बैंकों के समूह की शिकायत पर मुंबई के वीएन ज्वेलर्स व उसके मालिक अजय सालिया और संजय सालिया के खिलाफ दर्ज किया है। आरोप है कि उक्त आरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों से 53.28 करोड़ रुपए का लोन बैंक से लिया। मगर लोन नहीं चुकाया।39 कराेड़ के लाेन घाेटाले में चार अफसरों काे 3 साल कैदचेन्नई | चेन्नई में सीबीआई काेर्ट ने 30 कराेड़ के लाेन घाेटाले में इंडियन बैंक के 4 अफसराें और दाे अन्य काे 3 साल कैद और 10-10 हजार रु. के जुर्माने की सजा सुनाई है। दाे अन्य में किरण ओवरसीज के निदेशक राजीव व किरण बतरा हैं। बैंक अफसराें ने किरण ओवरसीज के निदेशकाें के साथ मिलीभगत से फर्जी दस्तावेजाें के आधार पर लाेन मंजूर किया था। इससे बैंक काे 39 कराेड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ।
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