ललन सिंह ने भाजपा के ऑफर का किया खुलासा, कहा- बीजेपी नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाना चाहती थी
ब्यूरो रिपोर्ट
पटना: बिहार में जेडीयू और बीजेपी के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। नीतीश कुमार और उनकी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह का मिशन 2024 में बीजेपी को दिल्ली की सत्ता से उखाड़ फेंकने का है। खुद जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह कई बार कह चुके हैं कि बिहार की 40 लोकसभा सीट के लिए उनका गठबंधन बीजेपी को तरसा देगा, लेकिन बिहार में गठबंधन बदलने के बाद जेडीयू अध्यक्ष ने अब नए खुलासे करने शुरू कर दिए हैं।
जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने कहा है कि जिस दिन बीजेपी और जेडीयू का गठबंधन टूट रहा था, उस दिन भी भाजपा की तरफ से आरजेडी को ऑफर दिया गया था। आरजेडी से कहा गया था कि नीतीश कुमार के साथ लालू यादव ना जाएं, ऐसा करने पर उनके खिलाफ सभी केस हटा लिए जाएंगे। ललन सिंह ने कहा कि बीजेपी हर हाल में नीतीश कुमार को कुर्सी से हटाना चाहती थी, इसके लिए कई स्तर पर साजिश रची गई। एक हिंदी दैनिक को दिए इंटरव्यू में ललन सिंह ने यह भी दावा किया कि साल 2017 में महागठबंधन तोड़ने के लिए लालू परिवार के ऊपर झूठे मुकदमे कराए गए। ललन सिंह दावा कर रहे हैं कि आईआरसीटीसी का केस इसीलिए कराया गया था कि नीतीश कुमार को वापस बीजेपी के साथ लाया जा सके और हुआ भी यही। बतातें चलें कि जेडीयू अध्यक्ष ललन सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को झूठा चाय वाला बताया था लेकिन इसके बावजूद पीएम मोदी पर आक्रामक बने हुए हैं। ललन सिंह ने इस इंटरव्यू के दौरान कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुविधा की राजनीति करते हैं। जो उनके साथ खड़े होते हैं वह सदाचारी हो जाते हैं और जो खिलाफ वह भ्रष्टाचारी हो जाते हैं। ललन सिंह ने कहा है कि असल में भ्रष्टाचार और ईमानदारी की नई परिभाषा पीएम मोदी जैसे लोगों ने ही गढ़ी है।
जेडीयू अध्यक्ष ने कहा है कि बीजेपी लगातार गठबंधन धर्म को तोड़ते रही। हमारी पार्टी को अरुणाचल प्रदेश में तोड़ा गया इसकी कोई जरूरत नहीं थी । हमने वहां बीजेपी की सरकार को समर्थन दे रखा था। साल 2019 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाना था तो हम से फायदा लिया गया लेकिन 2020 के चुनाव में हमारी पार्टी को कमजोर करने की कोई कसर नहीं छोड़ी गई।