पटना यूनिवर्सिटी के साइंस कॉलेज के हॉस्टल में रैगिंग: जूनियर से कराया डांस..फिर पीटा… आरोपी 9 छात्र निष्कासित
पटना: कोरोना संक्रमण का प्रकोप कम होने से लंबे समय बाद शिक्षण संस्थान और विश्वविद्यालय खुले हैं। विश्वविद्यालय खुलने पर छात्रावास में छात्र आ गए हैं और इसी बीच पटना विश्वविद्यालय के साइंस कॉलेज के फराडे हॉस्टल में मैथमेटिक्स ऑनर्स के फर्स्ट ईयर के छात्र से रैगिंग का सनसनीखेज मामला सामने आया है। रैगिंग की घटना 15 फरवरी का है लेकिन मामला तब सामने आया जब यूजीसी ने इस मामले पर कॉलेज प्रशासन को पत्र लिखकर घटना की जांच कर विस्तृत रिपोर्ट मांगी। दरअसल पीड़ित छात्र के पिता ने यूजीसी के एंटी रैगिंग सेल में कंप्लेंट दर्ज कराई और 9 छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगाया जिसके बाद मामले को संज्ञान में लेते हुए यूजीसी ने पटना साइंस कॉलेज से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी। पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि रैगिंग के बाद उनका बच्चा छात्रावास का कमरा छोड़ कर सीधे अपने घर आरा चला आया। छात्र ने आरोप लगाया है कि, सेकेंड ईयर के सीनियर छात्रों ने उससे डांस करने को कहा और नहीं करने पर उससे अभद्रता की और जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ मारपीट किया गया। छात्र ने यह भी आरोप लगाया है कि, उस कमरे में रहने वाले पूर्व छात्र उसे कमरा छोड़ने को बार-बार कह रहे थे लेकिन जब उसने कमरा नहीं छोड़ा तो उसके साथ 15 फरवरी की देर रात सीनियर छात्रों ने रैगिंग की घटना को अंजाम दिया।
मैथमेटिक्स ऑनर्स पार्ट वन के पीड़ित छात्र ने बताया कि, उसे फराडे हॉस्टल का कमरा नंबर 45 एलॉट किया गया था। जहां वह रह रहा था और वहीं पर घटना को अंजाम दिया गया। इस घटना के संबंध में साइंस कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर एसआर पद्मदेव ने जानकारी दी कि, यूजीसी से पत्र प्राप्त होने के बाद उन्होंने भी छात्र के पिता से भी बातचीत की। पीड़ित छात्र से जानकारी प्राप्त कर कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही है। प्राचार्य ने जानकारी दी है कि, छात्र ने जीन 9 छात्रों पर रैगिंग करने का आरोप लगाया है, उन सभी छात्रों को तत्काल प्रभाव से छात्रावास से निष्कासित कर दिया गया है और छात्रावास खाली करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि, इस पूरे मामले को लेकर एक जांच कमेटी बनाई गई है। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद मामले पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। कॉलेज कैंपस हो या फिर हॉस्टल कैंपस रैगिंग सरासर जुर्म है और इस प्रकार की घटनाओं से कॉलेज प्रशासन सख्ती से निपटता है। भविष्य में भी यदि कोई रैगिंग की घटना को अंजाम देता है तो उसके साथ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। साइंस कॉलेज का पूरा कैंपस रैगिंग फ्री कैंपस है और इसे रैगिंग फ्री कैंपस बनाए रखना सभी छात्रों की भी जिम्मेदारी है।