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बागवानी महोत्सव-सह-प्रतियोगिता कार्यक्रम का किया गया उद्घाटन

(दिनांक 26.02 .2022)
माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के मुख्य परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह द्वारा आज कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय द्वारा वीर कुँवर सिंह पार्क, पटना में आयोजित दो दिवसीय (26-27 फरवरी) बागवानी महोत्सव-सह-प्रतियोगिता कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। इस कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विभाग के सचिव डाॅ॰ एन॰ सरवण कुमार द्वारा किया गया।
इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री, बिहार के मुख्य परामर्शी श्री अंजनी कुमार सिंह तथा सचिव, कृषि डाॅ॰ एन॰ सरवण कुमार द्वारा बिहार कृषि निवेश प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत सुरू फुड, अरेराज, पूर्वी चम्पारण को इस योजना के अंतर्गत कैपिटल सब्सिडी के रूप में 17,47,500 रूपये का चेक प्रथम किस्त के रूप में उपलब्ध कराया गया।
श्री अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में बिहार एक अग्रणी राज्य है। यहाँ के किसानों ने इस मिथक को तोड़ा है, वैसे बागवानी फसल जो कि पारम्परिक रूप से बिहार में नहीं होते थे, आज किसान न केवल वैसे बागवानी फसलों को लगा रहे है बल्कि दुसरे किसानों को प्रेरित भी कर रहें है। राज्य के किसान बहुत परिश्रमिक है। कृषि विभाग को उन्होंने सलाह दिया कि इस प्रकार के आयोजन से किसानों का मनोबल बढ़ता है, इसे आगे बढ़ाते हुए देश में बागवानी के क्षेत्र में अच्छे कार्य करने वालेे को भी राज्य में आमंत्रित कर राष्ट्रीय स्तर का बागवानी महोत्सव आयोजन किया जाये। उन्होंने कृषि विभाग के पदाधिकारियों को सलाह दिया कि किसानों को ससमय बागवानी फसलों के गुणवत्तायुक्त बीज तथा बागवानी फसलों में लगने वाले कीट/व्याधियों को उपलब्ध कराये ताकि बिहार बागवानी के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में आये।
उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 13.30 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में बागवानी के फसल की खेती की जाती है। सब्जी के उत्पादन में देश में बिहार का स्थान तीसरा एवं फल के उत्पादन में छठा है। बिहार में मखाना, मशरूम एवं मधु का उत्पादन क्रमशः 56,000, 1500 एवं 18000 मे॰ टन है। कृषकों के इकाई क्षेत्रफल से अधिक आमदनी प्राप्त करने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा नई-नई तकनीक फसल विविधीकरण के माध्यम से कृषकों को उच्च मूल्य वाले फलों एवं सब्जी की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है। किसानों को उनके उत्पाद का उचित मूल्य दिलाने एवं पोस्ट हार्वेस्ट लाॅस को न्यूनतम करने हेतु व्यवस्था करने हेतु आधारभूत संरचना के विकास एवं प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। भारत सरकार द्वारा कृषकों एवं उद्यमियों को इसके लिए देय अनुदान के अलावे अतिरिक्त सहायतानुदान भी प्रदान किया जा रहा है। कृषि विभाग के द्वारा बिहार कृषि उत्पाद मूल्य संवर्द्धन प्रणाली (बावास) सेल का गठन किया गया है, जो बिहार के उत्पाद को निर्यात करने के लिए समुचित सुविधा उपलब्ध करा रहा है।
कृषि विभाग के सचिव डाॅ॰ एन॰ सरवण कुमार इस महोत्सव में बिहार के विभिन्न जिलों के 854 कृषकों/गार्डेनर/पुष्प प्रेमियों के द्वारा ऑनलाईन पंजीकरण के आधार पर चिन्हित 18 वर्गों के कुल 6,860 प्रादर्शों का प्रदर्शन किया जा रहा है। उद्यान एवं उससे संबंधित कुल 30 स्टाॅल भी महोत्सव में लगाया गया है। मखाना एवं मशरूम का विभिन्न मूल्यसंवर्द्धित सामग्री तथा किशनगंज जिला में उत्पादित बिहार की चाय, औरंगाबाद का स्ट्राबेरी का स्टाॅल भी इस महोत्सव में लगाया गया है। इस महोत्सव में भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, नई दिल्ली द्वारा स्टाॅल लगाया गया है। इसके आलावे बिहार के दोनों कृषि विश्वविद्यालय, नारियल विकास बोर्ड, पटना, बिहार राज्य बीज एवं जैविक प्रमाणन एजेंसी, पटना का जैविक सब्जी उत्पाद, देसरी एवं चण्डी में अवस्थित सेंटर आॅफ एक्सीलेंस में उत्पादित फल एवं सब्जी सहित अनेक सरकारी संस्थाओं द्वारा ज्ञानवर्द्धक स्टाॅल भी लगाया गया है।
उन्होंने कहा कि बिहार के कृषक भी सेब उगाने लगे है। उद्यान निदेशालय द्वारा कृषकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है एवं उपयुक्त प्रजाति के पौधे का वितरण किया जा रहा है। इसके लिए हिमाचल प्रदेश के प्रसिद्ध कृषक श्री हरिमन शर्मा इस महोत्सव में किसानों को सेब की खेती करने हेतु प्रशिक्षण दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उद्यान निदेशालय द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रचार-प्रसार के माध्यमों से दी जा रही है। इस महोत्सव में सामान्य रूप से उत्पादित फल, फूल, सब्जी के अलावे पाॅली हाउस में उत्पादित सब्जी, शिमला मिर्च, चेरी टमाटर, सीड्लेस खीरा, यूरोपियन सब्जी (ब्रोकली, रेड कैवेज), मशरूम, मखाना, विशिष्ट फल स्ट्राबेरी, ड्रैगन फ्रूट, रसभरी मकोई, घर की बनी फल एवं सब्जी प्रसंस्कृत साम्रगी, शहद एवं पान को भी सम्मिलित किया गया है। उन्होंने बताया कि इसके आलावे छत पर बागवानी योजना पर आधारित फोटोग्राफी प्रतियोगिता एवं फल तथा सब्जी में नक्काशी जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किया गया है।
इस कार्यक्रम में कृषि विभाग के विशेष सचिव बिजय कुमार कृषि निदेशक श्री सावन कुमार, उद्यान निदेशक श्री नन्द किशोर, संयुक्त निदेशक, उद्यान श्री आभांशु सी॰ जैन, उप निदेशक, उद्यान डाॅ॰ राकेश कुमार, कृषि वैज्ञानिकगण सहित विभागीय पदाधिकारी एवं कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में राज्य के सभी जिलों से आये किसान और आगन्तुक मौजूद थे।

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