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वंडर एप गर्भवती महिलाओं में प्रसव जटिलताओं को रोकने में मददगार

गर्भवती के स्वास्थ्य की सूचना एप के माध्यम से होगा अपडेट
स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया वंडर एप का प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुए जिलाधिकारी

जिला में वंडर एप की मदद से मातृ एवं शिशु मृत्य की रोकथाम की जायेगी. बोधगया प्रखंड से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसकी शुरूआत की जा रही है. चार अप्रैल के बाद प्रखंड में गर्भवती के स्वास्थ्य की पूरी सूचना इस एप के माध्यम से अपडेट किया जायेगा ताकि प्रसव या​ किसी जरूरत के समय उसे पूरा इलाज दिया जा सके. वंडर एप को बड़े पैमाने पर क्रियान्वित किया जाना है और सभी स्वास्थ्यकर्मियों तथा सहयोगी संस्थाओं के सभी कर्मी से सहयोग अपेक्षित है. विशेष रूप से वंडर एप की मदद से शतप्रतिशत गर्भवती महिलाओं का कवरेज किया जा सके और जटिलता को रोकने या जटिलता का समय रेफर कर आवश्यक उपचार मुहैया कराने में मदद मिलेगी.

यह बातें जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम ने बोधगया के निजी होटल में आयोजित वंडर एप को लेकर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कही. यह दो दिवसीय प्रशिक्षण जिला स्वास्थ्य समिति तथा यूनिसेफ द्वारा आयोजित किया गया है. इन दो दिनों में दो बैच में सभी प्रखंडों के प्राथमिक तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, एएनएम, जीएनएम तथा सहयोगी संस्था केयर इंडिया के ब्लॉक मैनेजर के लिए आयोजित किया गया है.

जिलाधिकारी ने कहा कि इस एप के तीन कंपोनेंट हैं जिसमें एंटी नेटल पीरियड यानि गर्भवती के पूरे नौ माह के दौरान जो जटिलता उत्पन्न होती है उसका निदान किया जा सके. इसे लेकर स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा कि एप पर गर्भवती की सभी प्रकार की जानकारी दिया जा सकता है और सिविल सर्जन तथा जिला स्तर के स्वास्थ्य अधिकारियों द्वारा इसका अनुश्रवण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि एप के लिए पंचायत स्तर पर कैंप लगा कर गर्भवतियों की सभी प्रकार की जांच करनी है. जांच स्थल पर ही पैथोलॉजिकल टेस्ट पूरा कराना है. इसके लिए यूनिक आइडी ​भी दिया जायेगा. यूनिक आइडी की मदद से महिला की सभी प्रकार की जांच की जानकारी चिकित्सक को मिल सकेगी.

जिलाधिकारी ने कहा कि दरभंगा में इस एप को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ​शुरू किया गया. अब इसे गया में प्रारंभ किया जा रहा है. उन्होंने प्रशिक्षण देने आयी केयर इंडिया की जिला तकनीकी पदाधिकारी डॉ श्रद्धा झा का शु​क्रिया कहा कि उनकी मेहनत से यह सब संभव हो पा रहा है. गया के स्वास्थ्यकर्मियों की मदद से भी यहां काफी बदलाव देखने को मिलेगा इसकी उम्मीद की जानी चाहिए.

इस मौके पर​ सिविल सर्जन डॉ कमल किशोर राय, आरपीएम पीयूष रंजन, डीपीएम नीलेश कुमार, केयर इंडिया डीटीएल शशिरंजन, वंडर जेनिक्स राकेश रंजन, यूनिसेफ से हेल्थ स्पेशलिस्ट डॉ सिद्दार्थ रेड्डी, हेल्थ आॅफिसर डॉ प्ररेणा कॉल तथा डिस्ट्रिक्ट कंसलटेंट डॉ तारीक व अन्य मौजूद थे.

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