राष्ट्रीय स्वाभिमान और समरसता ही वैश्यों की पहचान : उपमुख्यमंत्री
पटना। भामाशाह जयंती -सह- सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि भामाशाह बेमिसाल दानवीर एवं त्यागी पुरुष थे। मातृ-भूमि के प्रति उन्हें अगाध प्रेम था और दानवीरता के लिए भामाशाह का नाम इतिहास में अमर है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वाभिमान और समरसता ही वैश्यों की पहचान है।
शिवहर जिले के महात्मा गांधी नगर भवन में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मातृ-भूमि की रक्षा के लिए महाराणा प्रताप का सर्वस्व न्योछावर हो जाने के बाद भी उनके लक्ष्य को सर्वोपरि मानते हुए भामाशाह ने अपनी सम्पूर्ण धन-संपदा अर्पित कर दी थी। भामाशाह का निष्ठापूर्ण सहयोग महाराणा प्रताप के जीवन में महत्वपूर्ण और निर्णायक साबित हुआ। उन्होंने कहा कि आत्मसम्मान और त्याग की यही भावना उनके स्वदेश, धर्म और संस्कृति की रक्षा करने वाले देश-भक्त के रूप में उन्हें शिखर पर स्थापित करती है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इतिहास के प्रत्येक काल खंडों में वैश्यों ने अग्रणी भूमिका निभायी है। वैश्यों की जीवटता एवं देश के लिए उनका संघर्ष और त्याग जग-जाहिर है। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि वैश्य समुदाय के लोग जात से जमात की ओर बढ़ें। राजनीतिक एकजुटता के साथ अपने कर्मों और शौर्य से देश और समाज की सेवा में लगें।
उन्होंने कहा कि वाणिज्य-कर अंचल स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिष्ठानों को 01 जुलाई से भामाशाह पुरस्कार से सम्मानित करने पर विचार होगा। साथ ही, भामाशाह के व्यक्तित्व एवं कृतित्वों को स्कूली पाठ्यक्रमों में शामिल करने पर भी सरकार के स्तर से विचार होगा। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार एवं केंद्रीय सरकार व्यवसायियों के हितों की रक्षा के लिए कृत संकल्पित है। उनके कल्याण के लिए सरकार के स्तर से हर संभव प्रयास किया जाएगा।
उक्त अवसर पर पर्यटन मंत्री श्री नारायण प्रसाद, रीगा के विधायक श्री मोतीलाल प्रसाद, बेलसंड के विधायक श्री संजय कुमार गुप्ता, चिरैया के विधायक श्री लाल बाबू प्रसाद गुप्ता, अखिल भारतीय तेली महासभा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ० राम बहादुर प्रसाद गुप्ता, डॉ० रामाधार शाह पूर्व महापौर श्री सुरेश साहू, श्रीमती पार्वती देवी, श्री अरुण कुमार गुप्ता, भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य श्री अशोक चंद्रवंशी, श्रीमती रेणु कुमारी, श्री रामनाथ सुमन, श्री वकील प्रसाद, श्री कृष्ण नंदन प्रसाद, डॉ० रमेश कुमार, श्री उपेंद्र प्रसाद गुप्ता, श्रीमती वीणा देवी सहित भारी संख्या में स्थानीय नागरिकगण उपस्थित थे।