हिना शहाब को नहीं मिला राज्यसभा का टिकट तो सीवान में गर्म हुआ माहौल, लगे लालू-राबड़ी मुर्दाबाद के नारे
हिना शाहाब ने कहा समर्थकों से विचार कर जल्द हीं कोई निर्णय लेंगे
पटना: बिहार में राज्यसभा की 5 सीटों के लिए 10 जून को चुनाव होंगे। इसके लिए राजद की ओर से राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की बड़ी बेटी मीसा भारती और पूर्व विधायक फैयाज अहमद ने विधान सभा पहुंचकर नामांकन किया। नामांकन के समय लालू यादव, तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव सहित पूरा परिवार जुटा था। फैयाज अहमद ने नामांकन के बाद न्यूज 18 से बात करते हुए कहा की लालू प्रसाद और पार्टी ने कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी दी है, इसे बखूबी निभाऊंगा। लगातार क्षेत्र में काम रहा था इसलिए मुझे टिकट मिला। हालांकि, फैयाज अहमद के नामांकन के साथ ही राजद की राजनीति में भी उबाल आने की बात कही जा रही है। दरअसल, राजद के दिवंगत बाहुबली सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन की पत्नी हेना शहाब को टिकट नहीं दिए जाने को लेकर सीवान में उनके समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा है। नाराज कार्यकर्ताओ ने लालू-राबड़ी मुर्दाबाद के नारे लगाए। हिना शहाब को राज्यसभा टिकट नहीं मिलने पर राजद कार्यकर्ताओं ने सीवान के एक होटल में बैठक की और राजद का बॉयकाट करने का आह्वान किया। नाराज राजद कार्यकर्ता हेना शहाब को राज्यसभा भेजने की मांग कर रहे थे। राजद कार्यकर्ताओं में काफी आक्रोश देखा जा रहा है। मीटिंग के बाद राजद कार्यकर्ता हेना शहाब के आवास पर पहुंचे और हेना शहाब के समर्थन में जोरदार नारेबाजी की। इस दौरान पूर्व सांसद दिवंगत मोहम्मद शहाबुद्दीन अमर रहे के नारे लगाए। राजद नेत्री हिना शहाब ने कहा कि अभी पार्टी छोड़ने का फैसला नहीं हुआ है। ये सभी कार्यकर्ता नहीं हमारे परिवार का हिस्सा हैं। पूरे बिहार में जहां जहां हमारे समर्थक हैं सभी लोगों से राय करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर बातें करेंगे फिर उसके बाद कार्यकर्ताओं का जो भी फैसला होगा उसे हम मानेंगे। हिना शहाब ने कार्यकर्ताओं से कहा कि कार्यकर्ताओं से विचार कर जल्दी ही कुछ निर्णय लेंगे। बता दें कि मुस्लिम-यादव समीकरण को ध्यान में रखते हुए लालू यादव की बेटी मीसा भारती के साथ ही फैयाज अहमद को राज्यसभा का टिकट दिया है। इस बात को फैयाज अहमद ने भी कहा कि लालू यादव का अल्पसंख्यकों से अलग तरह का प्रेम है। मगर हिना शहाब को टिकट नहीं दिए जाने से नाराजगी की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि आने वाले समय में राजद नेतृत्व से नाराजगी के कारण वह कोई बड़ा फैसला ले सकती हैं।