बिना सलाह तीनों सीट पर आरजेडी की घोषणा से माले नाराज, विधान परिषद में मांगी एक सीट
पटना: बिहार विधान परिषद चुनाव को लेकर आरजेडी ने अपने तीन उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। राजद द्वारा नाम की धोषणा किए जाने के बाद उसके सहयोगी वामदलों ने भी सीट की मांग की है। वामदलों का कहना है कि राजद ने उनके साथ वादाखिलाफी की है और विधान परिषद में जो एक सीट देने का आश्वासन दिया गया था, वह आश्वासन पूरा नहीं किया गया है। इसको लेकर वामदलों की ओर से राजद को पत्र भी लिखा गया है। बता दे कि विधानपरिषद में राजद के कोटा से जाने वाले दो उम्मीदवारों के नाम की घोषणा के वक्त यह तय किया गया था कि उन उम्मीदवारों के समर्थन में जरूरी संख्या को वामदलों के विधायकों से पूरा किया जाएगा। लेकिन राजद के तरफ से 3 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की गई है। उसमें वामदलों को कोई स्थान नहीं दिया गया है। इस बात को लेकर वामदलों ने अपनी नाराजगी जताई है। वाम दलों का कहना है कि राजद ने गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया है, जबकि उन्हें एक सीट मिलनी चाहिए थी। वामदलों का कहना है कि विधान सभा में वाम दलों के 16 विधायक होने के बावजूद भी राजद ने उनसे उम्मीदवार उतारने से पहले सलाह मशविरा नहीं किया और अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया। गौरतलब है कि विधानसभा में सीपीआई माले के पास 12 और सीपीआईएम के दो और सीपीएम के दो विधायक हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि राजद को विधान परिषद चुनाव में तीसरे उम्मीदवार के लिए वामदलों के वोट पर ही रहना होगा। राजद की ओर से तीन उम्मीदवारों की धोषणा के बाद सीपीआई एमएल ने राजद को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि तीन सीटों के लिए राजद की तरफ से जिन प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है, वह गठबंधन की मर्यादा के अनुरूप नहीं है। बातचीत की प्रक्रिया के बीच में ही राजद के द्वारा अपनी तरफ से एक प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर दी गई। जबकि एक सीट पर उनका लंबे समय से दावा रहा है और राजद भी इस बात को स्वीकार करता रहा है।