बिहार कैबिनेट ने जातिगत जनगणना पर लगाई मुहर, राज्य सरकार अपने खर्च से कराएगी जनगणना
पटना बिहार की सियासत से बड़ी खबर सामने आ रही है बिहार कैबिनेट ने जातिगत जनगणना पर मुहर लगा दी है राज्य सरकार अपने खर्च से जाति जनगणना कराएगी कैबिनेट की बैठक में नीतीश सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बिहार कैबिनेट में 12 एजेंडों पर मुहर लगी है. बिहार में जातीय जनगणना का काम फरवरी 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जातीय जनगणना कराने पर 500 करोड़ का खर्च आएगा. सामान्य प्रशासन विभाग की निगरानी यह काम होगा इसके लिए सभी जिला पदाधिकारी को नोडल अफसर बनाया जाएगा. मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने इसकी जानकारी दी है कैबिनेट की बैठक में यह भी फैसला हुआ है कि बिहार सरकार महाराणा प्रताप की जयंती राजकीय समारोह के रूप में मनाएगी 9 मई को महाराणा प्रताप की जयंती मनाई जाएगी दरअसल कल यानि बुधवार को सर्वदलीय बैठक के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया कि बिहार में जाति आधारित जनगणना होगी सीएम ने कहा था कि जातीय जनगणना को लेकर कैबिनेट प्रस्ताव लाया जाएगा और इसकी उम्मीद जताई जा रही थी कि आज होने वाली कैबिनेट की बैठक में इस पर मुहर लग सकती है और आखिरकार कैबिनेट की बैठक में सीएम नीतीश कुमार ने जातिगत जनगणना पर मुहर लगा दी है बता दें कि बिहार में जातिगत जनगणना कराने को लेकर बुधवार को बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के बाद सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में जातीय आधारित जनगणना होगी. नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में सभी धर्मों की जातियों और उपजातियों की भी गिनती होगी. सीएम ने कहा कि जाति के साथ ही सभी धर्मों के लोगों की भी गिनती की जाएगी. CM नीतीश कुमार के ऐतिहासिक फैसले पर तेजस्वी यादव ने कहा कि ये हमारी जीत है, लालू यादव की जीत है. उन्होंने कहा कि ये आरजेडी के लगातार प्रयास की जीत है