मुख्यमंत्री ने समाधान यात्रा के क्रम में कटिहार जिले की जीविका दीदियों के साथ किया संवाद
महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो समाज भी आगे बढ़ेगा : सीएम
पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को समाधान यात्रा के क्रम में कटिहार जिले की जीविका दीदियों के साथ संवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र में आयोजित संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों ने हिस्सा लिया। संवाद कार्यक्रम में जीविका समूह के माध्यम से उत्कृष्ट कार्य करने वाली 6 जीविका दीदियों ने अपने-अपने अनुभव साझा किये। सभी ने जीविका समूह से जुड़ने के बाद अपने व्यक्तिगत जीवन एवं परिवार के जीवन स्तर में हो रहे बदलाव को मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष समाधान यात्रा के दौरान विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। सीएम उस समय की केंद्र सरकार के मंत्री ने आकर स्वयं सहायता समूह के कामों को देखा था, काफी तारीफ की थी और पूरे देश में इसका नामकरण ‘आजीविका किया यानि बिहार की जीविका पूरे देश में आ जाए। आप जीविका दीदियों की संख्या बहुत बढ़ी है यह देखकर मुझे खुशी होती है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह से एक करोड़ 30 लाख से अधिक महिलायें जुड़ गई हैं। 10 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह का गठन हुआ है। पहले महिलाएं सिर्फ घर में काम करती थीं, खाना बनाती थीं, परिवार की सेवा करती थीं और खेती-बाड़ी का भी काम करती थीं। अब पुरुष के साथ महिलाएं भी कमा रही हैं जिससे परिवार की अच्छी आमदनी हो रही है। महिलाएं आगे बढ़ेंगी तो समाज भी आगे बढ़ेगा। हमलोगों ने गरीब परिवार को आगे बढ़ाने के लिए कई काम किए हैं। आप सभी जीविका दीदियां बेहतर काम कर रही हैं। आप दूसरे राज्यों में जाकर प्रशिक्षण भी दे रही हैं। बिहार की जीविका दीदियों के कामों की प्रशंसा सभी जगह हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि सभी जगह घूमकर देखें, जो योजनाएं चलाई जा रही हैं उसका लाभ लोगों को कितना मिल रहा है और क्या किए जाने की जरूरत है। आप से जो संवाद हो रहा है उससे अन्य कई बातों की जानकारी मुझे मिल रही है और जब भ्रमण करते हैं तो उसमें भी जीविका दीदियां और लोग भी अपनी समस्याएं बताते हैं जिसका समाधान किया जाता है। पहले महिलाएं बोल नहीं पाती थीं और अब काफी अच्छे ढंग से अपनी बातें रख रही हैं और जहां भी जाती हैं अपनी उपस्थिति बेहतर ढंग से कराती हैं। आपका काम महत्वपूर्ण है। आपके काम से आपके परिवार के साथ ही समाज भी आगे बढ़ रहा है और बिहार भी आगे बढ़ रहा है। हम आपके हित में काम करते रहे हैं। पुरुष और महिला मिलकर जब काम करेंगे तो समाज का और अधिक विकास होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमलोगों ने महिलाओं के उत्थान लिए काफी काम किया है। बिहार में सबसे पहले वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं वर्ष 2007 में नगर निकाय के चुनाव में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीट आरक्षित की गई। अब तक चार चुनाव संपन्न हो गये। वर्ष 1993 में पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं को आरक्षण देने के लिये लोकसभा एवं राज्यसभा की एक संयुक्त कमिटी बनी थी, उस समय हम सांसद थे और इस कमिटी के सदस्य भी थे। केंद्र ने महिलाओं को कम से कम एक तिहाई आरक्षण देने का नियम बनाया। अब काफी संख्या में साधारण परिवारों की महिलायें चुनाव जीतकर आ रही हैं। हमलोगों ने वर्ष 2013 में बिहार पुलिस की बहाली में महिलाओं को 35 प्रतिशत का आरक्षण दिया। अब पुलिस बल में बड़ी संख्या में महिलाओं की भर्ती हो रही है। बिहार में जितनी महिलाएं पुलिस में हैं उतनी दूसरे राज्यों में भी नहीं हैं। इसके अलावा बिहार की सभी सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिया गया। हर तरह से महिलाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। पहले परिवार की गरीबी के कारण पोशाक के अभाव में लड़कियां पढ़ नही पाती थीं । हमलोगों ने बच्चियों को पढ़ाने एवं आगे बढाने के लिए पोशाक योजना एवं साइकिल योजना शुरू की। उसके बाद बड़ी संख्या में लड़कियां विद्यालय जाने लगीं। पहले पटना शहर में भी लड़कियां साइकिल नहीं चलाती थीं। बिहार में लड़कियों के लिए लागू की गई साइकिल योजना को वर्ष 2009-10 में देश के बाहर से भी आकर लोगों ने देखा था। लड़कियों के पढ़ने से प्रजनन दर घटा है। एक सर्वे से रिपोर्ट मिली थी कि अगर पति-पत्नी में पत्नी मैट्रिक पास है तो देश का प्रजनन दर भी 2 था और बिहार का प्रजनन दर भी 2 था। अगर पति-पत्नी में पत्नी इंटर पास है तो देश का प्रजनन दर 1.7 था और बिहार का प्रजनन दर 1.6 था। हम लड़कियों को पढ़ा रहे हैं। पहले राज्य का प्रजनन दर 4.3 था जो अब घटकर 2.9 पर आ गया है। हमारा लक्ष्य इसे 2 करने का है।मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शराब पीने से होने वाले नुकसान के संबंध में अध्ययन कराकर वर्ष 2018 में सर्वे की रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें बताया गया कि पूरे एक वर्ष में 30 लाख लोगों की मृत्यु हुई जिसमें 5.3 प्रतिशत मौत शराब पीने से हुई । 20 से 39 आयु वर्ग के लोगों में 13.5 प्रतिशत लोगों की मृत्यु शराब पीने के कारण होती है। जितने आत्महत्या के मामले आते हैं उसमें 18 प्रतिशत आत्महत्या शराब पीने के कारण होती है। शराब पीकर गाड़ी चलाने से 27 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। शराब पीने से 200 प्रकार की गंभीर बीमारियां भी होती हैं।
सतत जीविकोपार्जन योजना के तहत मुख्यमंत्री ने 5,250 स्वयं सहायता समूहों को 25 करोड़ 60 लाख रुपए का सांकेतिक चेक प्रदान किया। संवाद कार्यक्रम में जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को प्रतीक चिह्न और पौधा भेंटकर उनका स्वागत किया। संवाद कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्त, वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, सहकारिता मंत्री सह कटिहार जिले के प्रभारी मंत्री सुरेंद्र प्रसाद यादव, जल संसाधन सह सूचना एवं जन-संपर्क मंत्री संजय कुमार झा, भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी, खाद्य, आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह, समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी, विधायक विजय सिंह, विकास आयुक्त विवेक कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, सीएम के सचिव अनुपम कुमार,आयुक्त पूर्णिया प्रमंडल मनोज कुमार, पुलिस महानिरीक्षक पूर्णिया प्रक्षेत्र सुरेश प्रसाद चौधरी, जिलाधिकारी कटिहार उदयन मिश्रा, पुलिस अधीक्षक कटिहार श्री जितेंद्र कुमार सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।