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किशोर कुणाल जैसे अधिकारी रहने पर 25 प्रतिशत पुलिस की ही जरूरत : लक्ष्मी नारायण

फतुहा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में एक लाख की जनसंख्या पर 115-120 पुलिस बल का अनुपात है। ऐसे में इस अनुपात को बढ़ाकर 165-170तक करने का लक्ष्य है।इस संदर्भ में डॉ लक्ष्मी नारायण सिंह पटेल ने कहा कि हरेक जिला में किशोर कुणाल जैसे अधिकारी हो तो सिर्फ 25 प्रतिशत पुलिस बल ही काफी है। पांच दशक पूर्व महिलाएं कोलकाता से पेशावर तक घूम लेती थी,उस महिला की तरफ आंख उठाकर देखने कि हिम्मत किसी को नहीं होती थी। पुलिस कर्मी ईमानदार होते थे, समाज के बड़े लोग हो या छोटे उसे पकड़ने में अपने प्राणों की बाजी लगा देते थे। पुलिस कर्मी अपने कर्तव्य के प्रति इतने वफादार होते थे कि सफेदपोश तथा कथित लोगों को पल भर में बेनकाब कर डालते थे। पहले एक चौकीदार से जितना भय खाता था ,उतना भय आई आज बड़े बड़े अधिकारियों से भी नहीं भय है। जहां कभी अपराध नहीं हुए थे वहां आज मां बहनों को इज्जत लूटी जा रही है। अच्छे पुलिस कर्मियों को आज भी नहीं भुलाया जा सकता है,जो वर्तमान व्यवस्था में भी आदर्श बनकर आएं हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों से अन्य पुलिसकर्मियों को प्रेरणा लेनी चाहिए। किशोर कुणाल, किरण बेदी, शोभा अहोतकर, शिवदीप लांडे का नाम प्रत्येक व्यक्ति के जुबान पर गूंजता रहता है। ऐसे पुलिस अधिकारी हरेक जिला में हो तो 25 प्रतिशत पुलिस बल ही काफी है। ‌ अपराध रोकना और किशोर कुणाल के तरह अधिकारी भेजना सरकार का काम है।

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