31 मार्च तक शिक्षकों को मिलेगा 15% बढ़ा हुआ वेतन, विधान परिषद में शिक्षा मंत्री ने की घोषणा
पटना: बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है। विधान परिषद के कार्यवाही के दौरान सीपीआई के संजय कुमार सिंह और जदयू के संजीव कुमार सिंह के अल्पसूचित प्रश्न का शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने जवाब देते हुए बताया कि जिन शिक्षकों का डाटा अपलोड होने के बाद डिजिटल सिग्नेचर पर्ची जारी हो चुका है, उन सभी शिक्षकों को 31 मार्च तक 15 प्रतिशत बढ़े हुए वेतन की दर से भुगतान किया जाएगा। अब तक 3,52,783 शिक्षकों में 3,24,975 का डाटा अपलोड हुआ है। उन्होंने बताया कि 2 लाख 8 हजार 663 शिक्षकों का डिजिटल सिग्नेचर के बाद ऑनलाइन वेतन पर्ची जारी किया गया है। साथ ही वेतन भुगतान की कार्रवाई की जा रही है। विधान परिषद में शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने बताया कि शिक्षकों को अनुशंसित वेतनमान मिल रहा है। वेतन विसंगति निराकरण और वेतन निर्धारण के लिए निर्देश दिया गया है। भविष्य में भी इसी आधार पर वेतनवृद्धि होगी। वेतनवृद्धि के लिए सॉफ्टवेयर बनाने और कैलकुलेटर में दिक्कत आने के सवाल पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि वेतन निर्धारण के लिए ऑनलाइन कैलकुलेटर डेवलप किया गया है। शिक्षकों को स्कूल के लॉगिंग आईडी पर ही डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया था। शिक्षा मंत्री ने विधान परिषद में स्पष्ट करते हुए कहा कि पंचायती राज और नगर निकायों से बहाल शिक्षकों को राज्य कर्मियों जैसी सुविधाएं और लाभ देने का फिलहाल कोई विचार नहीं है। पुरानी पेंशन योजना नीति पर भी कोई विचार नहीं किया गया है। पंचायत और निकाय शिक्षकों को ईपीएफ से कवर किया गया है। साथ ही इस मामले में कोर्ट में भी विमर्श हो चुका है। विजय चौधरी ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा और कल्याण को ध्यान में रखते हुए 2020 से राज्य सरकार ने इन्हें ईपीएफ स्कीम का लाभ दिया।इसके लिए वेतन की राशि पर राज्य सरकार 13% अंशदान देगी। शिक्षा मंत्री विजय चौधरी ने विधान परिषद में बताया कि बिहार के विभिन्न विवि और कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर के 4629 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। विधान परिषद चुनाव की आचार संहिता खत्म होते ही शारीरिक शिक्षा और अनुदेशक की नियुक्ति शुरू कर दी जाएगी। साथ ही विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने 50 नियुक्तियों की अनुशंसा भेज दी है।