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आधी रात का सबेरा का मंचन

डिसेबल स्पोर्टस् एण्ड वेलफेयर एकेडमी, पटना द्वारा संगीत नाटक अकादमी, नई दिल्ली के सौजन्य से हंस कुमार तिवारी लिखित एवं कुमार मानव निर्देशित हिन्दी नाटक ‘‘आधी रात का सबेरा‘‘ की दमदार प्रस्तुति पटना के कालिदास रंगालय सभागार में हुई। यह नाटक कला मर्मज्ञ स्व0 सत्यनारायण प्रसाद को समर्पित था।
कार्यक्रम की शुरूआत उद्घाटनकता प्रोफेसर पूर्णिमा शेखर सिंह, उपप्रचार्या, ए.एन. कॉलेज, पटना, मुख्य अतिथि कुमार अभिषेक रंजन, महासचिव, बिहार आर्ट थियेटर, डा0 दिवाकर तेजस्वी, चिकित्सक एवं समाजसेवी, विशिष्ट अतिथि विश्वमोहन चौधरी संत, कला सांस्कृतिक पुरूष एवं वरिष्ठ पत्रकार तथा मनोज मानव, रंगकर्मी एवं नाट्य निर्देशक के कर कमलों द्वारा हुआ।
सभी अतिथियों एवं कलाकारों ने स्व0 सत्यनारायण प्रसाद के चित्र पर माल्यार्पण करते हुए 1 मिनट का मौन रखा। विश्वमोहन चौधरी संत ने कहा कि सत्यनारायण प्रसाद जैसे कला मर्मज्ञ का अचानक हम सभी को छोड़कर चले जाने बहुत ही दुखद है। कलाकारों के उत्साहवर्धन में उनकी अग्रणी भूमिका रही है। जिसकी क्षतिपूर्ति करना बहुत ही मुश्किल है।
सभी कलाकारों ने अपने दमदार अभिनय से नाटक को जीवंत किया। सुहागी की भूमिका में रंगोली पांडेय का अभिनय काबिले तारिफ था। महंगू की भूमिका में विजय कुमार चौधरी ने अपने अभिनय से दर्शकों में अमिट छाप छोड़ी। महंत की भूमिका में स्वयं नाटक के निर्देशक कुमार मानव ने अपने दमदार अभिनय कौशल का परिचय दिया। अन्य कलाकारों में भुनेश्वर कुमार, मंतोष कुमार, अर्चना कुमारी, राजकिशोर, कृष्णा कुमार तुफानी, पवन कुमार ने भी सराहनीय भूमिका निभायी।
प्रकाश परिकल्पना ब्रहमानन्द पांडेय, रूपसज्जा माया कुमारी, संगीत संयोजन मानसी कुमारी तथा मयंक कुमार का था। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कार्यक्रम निदेशक सुमन कुमार ने किया।

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