डेंगू के खिलाफ विशेष अभियान, तेजस्वी ने किया फॉगिंग और एंटी लार्वा दस्ते को रवाना
पटना: राजधानी पटना के लगभग सभी मोहल्लों में अब डेंगू पांव पसार चुका है। हर रोज करीब 5000 से ज्यादा लोग डेंगू का टेस्ट करा रहे हैं। रविवार को बिहार के स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव ने पटना के गांधी मैदान से 52 टेंपो फागिंग मशीन, 61 हैंड फागिंग मशीन, 375 एंटी लार्वा स्प्रे और स्वास्थ्य विभाग के 25 गाड़ियों को रवाना किया. कुल 513 गाड़ियों को उन्होंने हरी झंडी दिखाई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि डेंगू की रोकथाम के लिए सरकार हर संभव कदम उठा रही है। साथ ही स्वास्थ्य विभाग को सर्तक कर दिया गया है। पटना में डेंगू का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। रोजाना करीब 150 नए मामले सामने आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पूरे प्रदेश में जहां चार हजार के करीब डेंगू के मरीज हैं, वहीं पटना में इनकी संख्या 2600 से अधिक है। जैसे-जैसे डेंगू के मामले पटना में बढ़ रहे हैं अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। प्लेटलेट्स की संख्या घटने पर मरीज अस्पताल में एडमिट हो रहे हैं। पटना के तमाम बड़े प्राइवेट अस्पतालों में भी डेंगू मरीजों के लिए मुश्किल से बेड उपलब्ध हो पा रहा है। पटना के निजी अस्पतालों में एडमिट मरीजों में लगभग 25 फीसदी संख्या डेंगू मरीजों की है। पटना के विभिन्न प्राइवेट अस्पतालों में लगभग डेढ़ सौ से अधिक डेंगू के मरीज एडमिट हैं। वही सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में भी लगभग 110 के करीब मरीजों का इलाज चल रहा है। बड़ी संख्या में डेंगू रोगियों की मदद कर रहे और उनकी फ्री जांच करा रहे समाजसेवी मुकेश हिसारिया कहते हैं कि अगर डेंगू हो भी जाए तो घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इसका इलाज बेहद आसान है। अब लगभग सभी को इसके इलाज की जानकारी भी है। प्लेटलेट्स पर विशेष ध्यान देना चाहिये और पर्याप्त मात्रा में नारियल पानी लेते रहना है। उन्होंने यह भी कहा कि अपने घर के सभी कमरों के साथ बाथरूम की सफाई पर भी विशेष ध्यान दें क्योंकि यही वह जगह है जो अक्सर हम छोड़ देते हैं। जबकि वहां घर का हर सदस्य जाता है और वहां डेंगू मच्छर के होने की और डेंगू से प्रभावित होने की आशंका ज्यादा रहती है।