ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

शहीद प्रो अबदुल वारी को भूल गया राजनीतिक दल : वीएन चौबे

खुसरूपुर। प्रखंड के बांस टाल चौराहा पर मंगलवार को देश के महान स्वतंत्रता सेनानी प्रोफेसर अब्दुल बारी की 76 वीं पूण्यतिथि मनाई गई। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वतंत्रता सेनानी प्रोफेसर अब्दुल बारी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। वरिष्ठ पत्रकार बिष्णु नारायण चौबे ने विषय प्रवेश कराया।मौके पर वक्ताओं ने कहा कि 28 मार्च 1947 को इसी जगह पर ब्रितानी पुलिस ने उन्हें गोली मारकर हत्या कर दी थी।लेकिन यह पहला अवसर है कि यहां पर पुण्यतिथि का आयोजन किया गया।इलाके के युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व,कृतित्व एवं शहादत से अनभिज्ञ है।आज लोगों को उनके विषय में एक सार्थक पहल के कारण कुछ जानने और सुनने का मौका मिला है।प्रो. अब्दुल बारी जी आजादी के वीर योद्धा थे। पटना विश्वविद्यालय से इतिहास में एम.ए. करने के बाद बी. एन. कॉलेज में मिली प्राध्यापक की नौकरी को छोड़कर महात्मा गांधी के पक्के अनुयायी बन गए और आजीवन मजदूरों, वंचितों और उत्पीड़ितो के हक की लड़ाई लड़ते रहे।अब्दुल बारी एक सुशिक्षित व्यक्ति थे। उन्होंने कभी हिन्दू मुस्लिम में भेदभाव नहीं किया। उनके सम्मान में जमशेदपुर के गोलमुरी में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए “अब्दुल बारी मेमोरियल कालेज” और पटना में “अब्दुल बारी टेक्निकल सेन्टर” की स्थापना की गई। वे फकीर दिल इंसान थे। उनके जैसे व्यक्तित्व कभी नहीं मरता।वक्ताओं ने एक स्वर से खुसरूपुर चौराहा पर अब्दुल बारी की आदमकद प्रतिमा लगाने की मांग की।साथ ही कहा कि चौराहे पर उनके नाम से एक द्वार भी बनाया जाय।वक्ताओं ने कहा कि सरकार आनाकानी करेगी तो समाज के सहयोग से उनकी प्रतिमा स्थापित कराई जाएगी।मौजूद लोगों ने संकल्प लिया कि अगले साल से भव्य समारोह का आयोजन किया जाएगा।समारोह को संबोधित करते हुये प्रेम यूथ फाउंडेशन के संस्थापक गांधीवादी प्रेम जी ने कहा कि अमृत काल मे देश के शहीदों को याद करना हमारे लिए गौरव की बात है । उन्होंने नीतीश कुमार से आग्रह किया कि इनके जन्मदिन और पुण्यतिथि राजकीय समारोह के रूप में मनाया जाए साथ ही इनकी जीवनी को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए । मुखिया जयदीप कुमार,किसान सलाहकार मो कामरान,नगर पार्षद मो हाफिज,कांग्रेस के रौशन कुमार यादव व कर्पूरी यादव,,अशोक कुमार वर्मा, पत्रकार लक्ष्मीकांत,अशोक सर,धर्मवीर कुमार,पप्पू सिंह,विश्वजीत सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने संबोधित किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.