बीपीएससी पेपर लीक कांड से सबक, अब प्राइवेट कॉलेजों में नहीं बनेंगे परीक्षा सेंटर
-15 मई को होने वाले सीडीपीओ की परीक्षा को लेकर आयोग गंभीर
पटना : बीपीएससी की 67वीं संयुक्त प्रारंभिक प्रतियोगिता परीक्षा के प्रश्न पत्र लीक होने से बाद आयोग द्वारा अहम कदम उठाया गया है। आयोग के एग्जाम कंट्रोलर के अनुसार भविष्य में आयोग द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं में प्राइवेट कॉलेजों में एग्जाम सेंटर नहीं बनाए जाएंगे। साथ ही एग्जाम में साफ छवि वाले पदाधिकारियों की ही परीक्षा कार्य में दंडाधिकारी के रूप में नियुक्ति होगी। इस संबंध में सभी जिला पदाधिकारियों को निर्देश जारी किया गया है। दरअसल आगामी 15 मई को होने वाली बाल विकास परियोजना पदाधिकारी यानी सीडीपीओ की परीक्षा को लेकर आयोग गंभीर है। इस परीक्षा के लिए सभी डीएम साफ छवि वाले पदाधिकारियों को ही दंडाधिकारी नियुक्त करेंगे। सीडीपीओ के लिए आयोजित होने वाली परीक्षा को लेकर एग्जाम सेंटर में अभी कोई बदलाव नहीं किये जायेंगे। सभी परीक्षाओं का सेंटर सरकारी कॉलेजों में होगा। आयोग का पूरा फोकस सीडीपीओ परीक्षा के सफल संचालन पर है। आयोग ने एग्जाम सेंटर पर इंट्री समय में भी बदलाव किया है। अब तक बीपीएससी की परीक्षा शुरू होने तक केंद्र में प्रवेश दे दिया जाता था, लेकिन अब परीक्षा शुरू होने के समय परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जायेगा। परीक्षार्थियों को परीक्षा हॉल में परीक्षा शुरू होने से 15 मिनट पहले तक ही इंट्री मिलेगी। निर्धारित समय के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थियों को एंट्री नहीं दी जायेगी। जैसे अगर परीक्षा 12 बजे से शुरू होगी तो, परीक्षार्थियों को 11:45 बजे तक ही केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जायेगा, इसके बाद प्रवेश नहीं दिया जायेगा। बता दें कि एग्जाम के सफल संचालन को लेकर आयोग द्वारा दो दिन पहले ही एग्जाम सेंटर के इंट्री समय में बदलाव किया था। आयोग के अनुसार बीपीएससी की सीडीपीओ परीक्षा 15 मई को होगी. 55 सीटों के लिए ये परीक्षा आयोजित की जायेगी। परीक्षा के लिए 1.2 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। सीएम नीतीश की सख्ती और बीपीएससी पेपर लीक कांड के बाद प्रबंधन इस परीक्षा को लेकर काफी सतर्कता बरत रहा है।