विधानमंडल का मानसून सत्र : शांतिपूर्ण सदन चलाने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ने की सर्वदलीय बैठक
पटनाः बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र 24 जून से शुरू होगा, जो 30 जून तक चले। 5 दिनों के सत्र के लिए तैयारी जोर शोर से चल रही है। मानसून सत्र के दौरान बिहार विधान सभा के शांतिपूर्ण संचालन के लिए बुधवार को विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा ने सर्वदलीय बैठक की। बैठक में मौजूद सभी दलों के नेता से विधानसभा अध्यक्ष ने राय ली और सदन को शांतिपूर्ण ढंग से चलाने का आग्रह किया है। वहीं सरकार से सभी प्रश्नों के उत्तर समय पर सदन को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। बैठक में बिहार सरकार के दोनों उपमुख्यमंत्री तार किशोर प्रसाद और रेणू देवी, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी सहित कई दलों के नेता शामिल थे। बैठक में एआईएमआईएम और वामपंथी दलों के सदस्यों ने विधानसभा अध्यक्ष विजय सिन्हा से आग्रह किया कि छोटे से सत्र में जनता के जो सवाल हैं, उसका जवाब सरकार सही ढंग से दे। इसकी व्यवस्था की जाय। उप मुख्यमंत्री तारकेश्वर प्रसाद और संसदीय कार्य मंत्री विजय चौधरी ने चंदन को शांतिपूर्ण चलाने में विपक्ष से मदद का आग्रह किया है और सरकार की तरफ से हर संभव सहयोग की बात भी कही है। वहीं मानसून सत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कर्मियों को दिशा निर्देश दिया है। जिला प्रशासन की टीम की ओर से पूरी तैयारी कर ली गयी है। पुलिस-प्रशासन की ओर से छोटे से सत्र के लिए भी कोई कोर कसर न रह जाए, इसकी कोशिश विधानसभा अध्यक्ष, जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन के साथ सरकार के बड़े अधिकारियों के तरफ से हो रही है। 24 जून को शपथ ग्रहण होगा (यदि किसी को लेना होगा तब)। उसके बाद बिहार विधान मंडल के सत्र में नहीं रहने की अवधि में महामहिम राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश की प्रमाणित प्रतियों को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इस दौरान वित्तीय वर्ष 2022-23 की प्रथम अनुपूरक व्यय विवरणी भी पेश होगा और उसके बाद शोक प्रस्ताव के साथ सदन की कार्यवाही समाप्त हो जाएगी। 24 जून से सदन की कार्यवाही शुरू होकर 30 जून तक चलेगा लेकिन शनिवार और रविवार होने के कारण केवल 5 दिन का ही सत्र होगा। स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विभागों के तो प्रश्नों के उत्तर ही नहीं हो पाएंगे और विपक्षी सदस्यों को इसको लेकर भी नाराजगी है। ऐसे में विपक्ष अग्निपथ योजना का मामला हो बेरोजगारी का मामला हो अपराध शिक्षा और बाढ़ जैसे मुद्दे हो सरकार की मुश्किलें बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। कुल मिलाकर देखें तो मानसून सत्र हंगामेदार होने के पूरे आसार हैं।