600 मेगावाट सौर ऊर्जा का विद्युत क्रय इकरारनाम
सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया बिहार को 25 वर्षों तक 600 मेगावाट बिजली करेगी आपूर्ति
पटना। आपको बता दें की सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) और बीएसपीएचसीएल के पावर मैनेजमेंट सेल (पीएमसी) के बीच बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव हंस के समक्ष 600 मेगावाट विद्युत क्रय इकरारनाम पर हस्ताक्षर किया गया। वहीं इकरारनाम पर सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से महाप्रबंधक अतुल कुमार नायक और पावर मैनेजमेंट सेल के मुख्य अभियंता अभिजीत कुमार ने हस्ताक्षर किया। वहीं इस अवसर पर नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रभाकर भी उपस्थित रहे। सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को 18 माह में सौर ऊर्जा से बिजली उत्पादन करना तय पाया है। पावर मैनेजमेंट सेल (पीएमसी) के निदेशक ए०के० सिन्हा ने बताया की सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया अगस्त 2024 से बिहार को 25 वर्षों तक 600 मेगावाट बिजली आपूर्ति करेगी। वहीं बीएसपीएचसीएल के अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक संजीव हंस ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी विजन और ऊर्जा मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव के मार्गदर्शन में बिहार में सौर उर्जा के क्षेत्र में काफी तरक्की हो रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण सोलर स्ट्रीट योजना औऱ ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट योजना से बिहार रौशन होगा। पंचायतों में 12 लाख सोलर स्ट्रीट लाईट लगाई जा रही है। हमें जीवाश्म ईंधन पर से निर्भरता कम कर अक्षय ऊर्जा पर विशेष ध्यान देना होगा। हमें सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया को पूरे भारत में काम करने के अनुभव का लाभ उठाना चाहिए। श्री हंस ने कहा कि हमें सौर ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग कर कार्बन उत्सर्जन को नियंत्रित करना चाहिए। हम सौर ऊर्जा के ऊपयोग से पेड़ों को बचा सकते है। एक पेड़ 10 किलो से 40 किलो तक कार्बन को सोखता है। हम पृथ्वी को बचाना है तो अक्षय ऊर्जा का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना होगा। राज्य के अंदर बहुत सी सोलर परियोजनाएं चल रही है। कजरा और पीरपैती सोलर प्लांट पर काम शुरू हो चुका है। दरभंगा और सुपौल में प्लोटिंग पावर प्लांट उत्पादन शुरू कर दिया है। बिहार में जमीन कम होने के बावजूद सौर ऊर्जा के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नहरों के किनारे भी सोलर पावर को विकसित किया जाना है। सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के दिए गए बिजली के उपयोग में संचरण शुल्क नहीं लगेगा इससे डिस्कॉम कंपनियों को राजस्व की बचत होगी। अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में चल रहे काम से बिहार को नवीनीकरणीय ऊर्जा खरीद बाध्यता से मुक्ति मिल जाएगी। बिहार विद्युत नियामक आयोग (बीईआरसी) ने डिस्कॉम कंपनियों को द्वारा सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया से 2.50 रूपये(ट्रेंच 8) की दर से 600 मेगावाट सौर ऊर्जा की खरीद की मंजूरी दे दी। केंद्र सरकार ने 2022 तक बिहार के लिए 2,969 मेगावाट सौर उर्जा का लक्ष्य निर्धारित किया था ताकि देश को 100 गीगावॉट सौर ऊर्जा आधारित बिजली उत्पादन प्राप्त करने की अनुमति मिल सकें। सोलर इनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के 600 मेगावाट ऊर्जा मिल जाने के बाद बिहार केंद्र सरकार के अक्षय ऊर्जा के निर्धारित लक्ष्य को आसानी से पूरा कर लेगा।