ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर लगे रोक – ‘ आप ‘

बिहार के प्राइवेट स्कूल मालिकों पर आम आदमी पार्टी बिहार की प्रदेश प्रवक्ता गुलफिशा यूसुफ ने मनमानी फीस वसूली कर अभिभावकों और छात्रों का दोहन किए जाने का गंभीर आरोप लगाया है।

आम आदमी पार्टी की ओर से उन्होंने कहा है कि – अच्छी शिक्षा देश के प्रत्येक बच्चे का संविधान प्रदत मूलभूत अधिकार है, परंतु बिहार के सरकारी स्कूलों में गुणवतापूर्ण शिक्षा व्यवस्था का आभाव होने के कारण राज्य के मध्यमवर्गीय परिवारों के अभिभावकों को निजी विद्यालयों का रुख करना पड़ता है जहां निजी स्कूलों के मालिकों द्वारा फीस, स्कूल ड्रेस, किताबें, ऑनलाइन क्लास, भवन विकास शुल्क आदि नाना प्रकार के मनगढ़ंत शुल्को द्वारा उनका शोषण किया जाता है।

उन्होंने आगे कहा है कि बिहार सरकार ने वर्ष 2019 में राज्य सरकार ने निजी स्कूल शुल्क वृद्धि विनियमन कानून बनाया था जिसके तहत स्कूल को नामांकन शुल्क 5% से अधिक बढ़ाने पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। किंतु स्कूल मालिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों से सांठ गांठ कर मनमाने ढंग से मासिक फीस की बढ़ोतरी के अलावे स्कूल ड्रेस तथा मंहगे प्रकाशको की किताबें खरीदने की मजबूर करते हैं।
आम आदमी पार्टी बिहार की ओर से प्रदेश प्रवक्ता गुलफिशा यूसुफ ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मुद्दे का संज्ञान लेते हुए निजी स्कूल संचालकों पर शिकंजा कसने की मांग करते हुए आगे कहा है की—” दिल्ली सरकार की तर्ज पर बिहार में भी शिक्षा में क्रांति की आवश्यकता है, और अगर सरकार की नियत हो तो यह संभव है।”

Leave A Reply

Your email address will not be published.