बिहार में श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 12 से 18 रुपए तक बढ़ी नहीं देने वालों को देना होगा जुर्माना मिलेगी सजा
पटना बिहार के दो करोड़ से अधिक मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में वृद्धि हो गई है दैनिक मजदूरी में 12 से 18 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है बढ़ी हुई दर एक अप्रैल से लागू होगी श्रम संसाधन विभाग ने परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में वृद्धि के आधार पर नई दर तय करते हुए अधिसूचना जारी कर दी है सामान्य नियोजनों में कार्यरत अकुशल व अर्धकुशल मजदूरों की 12 रुपए, कुशल की 15 रुपए तो अतिकुशल मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी में रोजना 15 रुपए की वृद्धि की गई है जबकि पर्यवेक्षीय एवं लिपिकीय कामगारों को 340 रुपए महीने वृद्धि का लाभ मिलेगा यदि किसी ने न्यूनतम मजदूरी दर नहीं दी तो उन्हें एक साल की सजा और तीन हजार तक का जुर्माना दोनों देना होगा। ऐसा नहीं होने पर सक्षम न्यायालय में खुद या प्रखंड के श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के माध्यम से मजदूर न्यूनतम मजदूरी के लिए दावापत्र दायर कर सकते है कृषि कार्य से संबंधित मजदूरी के लिए सीओ उप समाहर्ता या श्रम अधीक्षक तो गैर कृषि काम के लिए सहायक श्रमायुक्त अनुमंडलाधिकारी या श्रम न्यायालय में दावा करना होगा जिन्हें भी न्यूनतम मजदूरी मिलने में कठिनाई हो तो वे प्रखंड के श्रम प्रवर्तन अधिकारी जिले के श्रम अधीक्षक सहायक श्रमायुक्त उप श्रमायुक्त से भी सम्पर्क कर सकते है विभाग के पटना स्थित नियोजन भवन तृतीय तल बी ब्लॉक बेली रोड के श्रमायुक्त कार्यालय में आकर भी मजदूर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते है
इन्हें मिलेगा लाभ
घरेलू कामगार कृषि नियोजन के कामगार, साबुन फैक्ट्री सीमेंट कारखाना, पेपर उद्योग होजियरी आइसक्रीम कारखाना, पेट्रोल पंप बिजली का खंभा रेलवे पटरी बिछाने बिस्कुट फैक्ट्री मिल सड़क निर्माण, होटल और रेस्टोरेंट आदि में काम करने वाले को
जल्द ही और बढ़ेगी मजदूरी
पिछले दिनों हुई बिहार न्यूनतम मजदूरी परामर्शदात्री पर्षद की बैठक में 15 प्रतिशत अतिरिक्त परिवर्तनशील महंगाई भत्ते में वृद्धि का प्रस्ताव पारित हुआ है अब विभाग इस आधार पर मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी तय करेगा इसके लिए जल्द ही लोगों से दावा व आपत्ति मांगा जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो तीन-चार महीने में मजदूरों की न्यूनतम मजदूरी 360 रुपए से अधिक हो जाएगी जो अभी 318 रुपए ही है