ब्रेकिंग
सीने में दर्द और मिली पेट सफा की गोलियां… एक महीने खाने के बाद हुआ ये हाल सलकनपुर में टैक्सी का हुआ ब्रेक फेल, बिजली के खंभे से टकराई... 5 श्रद्धालु हो गए घायल दो नशेड़‍ियों की दोस्ती, एक शराब नहीं लाया तो दूसरे ने पेट में गुप्ती मारकर कर दी उसकी हत्या संसद में प्रियंका गांधी की एंट्री, कांग्रेस की सियासत में क्या-क्या बदलेगा? संभलः सर्वे के फैसले पर सुप्रीम कोर्ट को आपत्ति, निचली अदालत को एक्शन न लेने का आदेश दुनिया में झलक रही भारतीय संस्कृति… PM मोदी ने शेयर किया अनेक देशों में स्वागत का वीडियो 1700 मकानों में आई दरारें, दहशत में घर छोड़ने को मजबूर हुए लोग! दूल्हा बने भैया निकले बारात लेकर, छोटा पहले ही भगा ले गया लड़की… शादी किसकी हुई? हाथ में संविधान की कॉपी लेकर प्रियंका गांधी ने ली संसद सदस्य की शपथ, राहुल के पीछे चौथी पंक्ति में ज... जब-जब मुख्यमंत्री चुनने में बीजेपी को लगे 72 घंटे, तब-तब सरप्राइज चेहरे की हुई एंट्री

जी.एस.टी. से देश में कर संग्रहण हुआ सहज और सुगम। देश में जी.एस.टी. लागू होना कर संग्रहण के क्षेत्र में बड़ी क्रांति : उपमुख्यमंत्री

जीएसटी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का बिहार के उपमुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद ने किया शुभारंभ

पटना। मुख्य सचिवालय स्थित (एनेक्सी-3) के सभागार में वाणिज्य-कर विभाग के तत्वावधान मे जी.एस.टी. दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए बिहार के उपमुख्यमंत्री -सह- मंत्री वाणिज्य-कर विभाग श्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि विगत 01 जुलाई 2017 को बिहार सहित पूरे भारतवर्ष में माल और सेवा कर प्रणाली (जी.एस.टी.) को लागू किया गया था, जिसकी आज पांचवी वर्षगांठ है। उन्होंने इस अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विगत पाँच वर्षों के दौरान सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से जीएसटी प्रणाली में लोगों का विश्वास बढ़ा है और कर आधार में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि जीएसटी प्रणाली लागू होने के समय टैक्सपेयर बेस मात्र 1.72 लाख था, जो वर्तमान में बढ़कर 06 लाख से अधिक हो चुका है। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि जीएसटी लागू होने से पूर्व के वित्तीय वर्ष 2016-17 में वाणिज्य-कर विभाग बिहार का राजस्व संग्रहण 18751 करोड़ था, जो वर्ष 2021-22 में लगभग दो गुणा अर्थात् 35884 करोड़ हो गया है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि माल और सेवा कर प्रणाली के लागू होने से देश में कर संग्रहण के क्षेत्र में क्रांति आई है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश स्तर पर विभिन्न क्षेत्रों में किए गए व्यापक सुधारों का लाभ लोगों को मिल रहा है। प्रधानमंत्री जी के नव प्रणाली जैसे वन नेशन वन राशन कार्ड, जीएसटी सहित अन्य नवप्रयोगों से चीजें आसान एवं सुगम हुई हैं। उन्होंने कहा कि विगत वित्तीय वर्ष 2021-22 में बिहार का बजट 217000 करोड़ रुपये का था, जो वर्तमान वित्तीय वर्ष में बढ़कर 237000 करोड़ रुपए का हो गया है। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि बिहार प्रदेश उन सर्वोच्च पांच राज्यों में शामिल हुआ है, जिसने विगत वित्तीय वर्ष में दो लाख करोड़ रुपए से अधिक का खर्च विकास योजनाओं पर किया है। यह सब कुछ हमने कोरोना की वैश्विक चुनौतियों के बीच हासिल किया है। यह सब कुछ प्रधानमंत्री और बिहार के मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन तथा विभागीय अधिकारियों के मेहनत एवं संवेदनशीलता से संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि हमारे अधिकारियों ने सरकार की प्रतिबद्धता को महसूस करते हुए अपनी कार्यशैली और नजरिए में बदलाव लाया है, जिससे राज्य को कर संग्रहण में लाभ मिल रहा है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी प्रणाली में आगे और भी सुधार हेतु मंत्रियों के कई समूह बनाए गए हैं।
गौरतलब है कि रियल एस्टेट सेक्टर को बढ़ावा देने हेतु बनाए गए मंत्रियों के समूह में बिहार के उपमुख्यमंत्री -सह- वाणिज्य-कर विभाग के मंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद संयोजक बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त जीएसटी में कर दरों को और अधिक युक्तिसंगत बनाने एवं इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के मामलों की समीक्षा हेतु गठित मंत्रियों के समूह में भी बिहार के उप मुख्यमंत्री श्री तारकिशोर प्रसाद सदस्य नामित है, जिसका लाभ राज्य को मिल रहा है।
इस अवसर पर वाणिज्य-कर विभाग की राज्य-कर आयुक्त -सह- सचिव डॉ० प्रतिमा, वरीय अधिकारी श्री अरुण मिश्रा, चेंबर ऑफ कॉमर्स के श्री अमित मुखर्जी, बिहार इंडस्ट्री एसोसिएशन के उपाध्यक्ष श्री अरविंद सिंह सहित विभाग के अन्य वरीय पदाधिकारी गण, राज्य के सभी जिलो और अंचलों से आए वाणिज्य-कर विभाग के पदाधिकारी एवं व्यवसायी एवं उद्यमी संघ के प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.