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पटना के फुलवारी शरीफ में निकली अनोखी खप्पड़ पूजा

हजारों की संख्या में महिला पुरुष दौड़ते नजर आए

महामारी को भगाने के लिए 204 वर्षों से चली आ रही परंपरा

पटना के फुलवारी शरीफ से रविवार को प्रखंड के नजदीक शीतला मंदिर से अनोखी थप्पड़ पूजा निकाली गई। इस पूजा में हजारों महिला पुरुष भक्तों के पीछे माता की जय कारा लगाते नजर आए। लोगों का यह मानना है कि कई तरह के महामारी को भगाने के लिए यह पूजा लगभग 200 वर्षों से भी अधिक समय से होता आ रहा है।
बताते चलें कि ब्रिटिश काल के 1818 में फुलवारी शरीफ में एक भीषण महामारी फैली थी। महामारी की चपेट में आने से असमय कई लोग काल के गाल में समा गए। चारों तरफ ध्यान महामारी और अकाल का प्रकोप तेजी से फैलने लगा। बताया जा रहा है कि उस समय शीतला मंदिर के पुजारी झमेली बाबा को मां देवी सपने में आकर उनकी पूजा आराधना की बात कही थी। झमेली बाबा ने उस समय 9 दिनों तक देवी मां की आराधना की और डाली पूजा खप्पड़ पूजा निकाला। इस पूजा के आयोजन से फुलवारी शरीफ से महामारी दूर हो गई और यहां खुशहाली छा गई। ऐसी मान्यता है कि तभी से आज तक शीतला मंदिर से प्रत्येक वर्ष सावन महीने में देवी माता की खप्पड़ पूजा निकाली जाती है।
मंदिर के महासचिव देवेंद्र प्रसाद ने बताया कि शीतला माता मंदिर से निकली है पूजा नगर की एक परिक्रमा करने के बाद वापस मंदिर में स्थापित कर दी जाती है। बताया जाता है कि इस अनोखी पूजा में मंदिर के भगत हाथ में एक खप्पड़ में आग लेकर सबसे आगे दौड़ते हैं। भक्तजन भगत के पीछे पीछे देवी मां की जयकारा लगाते हुए पूरे नगर की परिक्रमा करते हैं।
पूजा को लेकर प्रशासन की तरफ से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। नगर परिषद की तरफ से नगर के चारों तरफ साफ-सफाई सहित रोशनी की व्यवस्था की गई थी वहीं बिजली विभाग की तरफ से जर्जर तारों को दुरुस्त किया गया था ताकि किसी तरह का कोई अप्रिय घटना नहीं हो सके।

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