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बिहार के 59 आईपीएस अधिकारियों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्यौरा, 31 जनवरी थी डेड लाइन

पटनाः बिहार में अधिकारियों को हर साल संपत्ति का ब्यौरा राज्य सरकार को सौंपना होता है. प्राप्त संपत्ति का ब्यौरा राज्य सरकार की ओर से वेबसाइट पर अपलोड किया जाता है. संपत्ति का ब्यौरा सौंपने की अंतिम तिथि 31 जनवरी बीत जाने के बाद भी राज्य के 59 आईपीएस अधिकारियों ने जानकरी सरकार को नहीं दी है। बिहार सरकार के गृह विभाग के सचिव सेंथिल कुमार ने बिहार के डीजीपी संजीव कुमार सिंघल को पत्र लिखकर मामले से अवगत कराया है।राज्य में कार्यरत सभी अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष की वार्षिक अचल-संपत्ति विवरण निर्धारित विपत्र में 31 जनवरी तक ऑनलाइन जमा देना अनिवार्य है पर कई अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया है। आपको बता दें कि संपत्ति का ब्यौरा जमा नहीं करने पर वित्तीय वर्ष 2021-22 कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन को विभागीय स्तर पर स्वीकार करने की कार्रवाई भी लंबित रहेगी. ऐसे में 59 आईपीएस अफसरों को विषय की गंभीरता से अवगत कराते हुए वार्षिक चल-अचल संपत्तियों का प्रतिवेदन सौंपने का आदेश दिया गया है। अब देखना है कि ये आईपीएस कब तक प्रतिवेदन सौंपते हैं। अगर ये अधिकारी प्रतिवेदन नहीं सौंपते हैं तो इनके खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करता है।राज्य में कार्यरत सभी अधिकारियों को प्रत्येक वर्ष की वार्षिक अचल-संपत्ति विवरण निर्धारित विपत्र में 31 जनवरी तक ऑनलाइन जमा देना अनिवार्य है पर कई अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया है। आपको बता दें कि संपत्ति का ब्यौरा जमा नहीं करने पर वित्तीय वर्ष 2021-22 कार्य निष्पादन मूल्यांकन प्रतिवेदन को विभागीय स्तर पर स्वीकार करने की कार्रवाई भी लंबित रहेगी। ऐसे में 59 आईपीएस अफसरों को विषय की गंभीरता से अवगत कराते हुए वार्षिक चल-अचल संपत्तियों का प्रतिवेदन सौंपने का आदेश दिया गया है। अब देखना है कि ये आईपीएस कब तक प्रतिवेदन सौंपते हैं। अगर ये अधिकारी प्रतिवेदन नहीं सौंपते हैं तो इनके खिलाफ विभाग क्या कार्रवाई करता है।

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