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बिहार सरकार स्कूल और कॉलेज खोलने को तैयार, सीएमजी की बैठक में होगा अंतिम फैसला

पटना: बिहार में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर पिछले एक महीने से कई तरह की प्रतिबंध लागू है। सूबे में नाइट कर्फ्यू लागू होने के साथ-साथ सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। लेकिन अब बिहार में कोरोना की रफ्तार कम होने की वजह से एक बार फिर से स्कूल और कॉलेजों को खोलने की मांग विभिन्न शिक्षण संस्थानों की ओर से की जा रही है। इसी को लेकर बिहार के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा है कि, सरकार अब सभी स्कूल कॉलेज खोलने के लिए तैयार है। हालांकि, इस बारे में आखिरी फैसला क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप को लेना है। उन्होंने कहा कि 6 फरवरी तक बिहार में कोविड-19 प्रतिबंध लागू है और इसके पहले सीएमजी की बैठक में स्कूल कॉलेज खोलने को लेकर फैसला लिया जाएगा।दरअसल, बिहार में करीब 1 महीने से स्कूल और कॉलेज बंद हैं। कोरोना की तीसरी लहर की वजह से सरकार ने तमाम स्कूलों और कॉलेज समेत शैक्षणिक संस्थानों को बंद कर दिया था। लेकिन जब से कोरोना संक्रमण के आंकड़ों में कमी आ रही है। उसके बाद से सभी शैक्षणिक संस्थानों को खोलने की मांग विभिन्न संस्थान कर रहे हैं। जिसे लेकर 6 फरवरी के बाद सरकार स्कूल और कॉलेज खोलने के लिए अपनी संकेत दे चुकी है। शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने इससे पहले भी कहा था कि, वे इस बात से सहमत हैं कि, संक्रमण कम होने की वजह से अब शैक्षणिक संस्थान खुलने चाहिए और बच्चों की पढ़ाई सुचारू रूप से होनी चाहिए।वहीं, बिहार में कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले के मुकाबले अब काफी कम हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी अपडेट के मुताबिक पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कुल 824 संक्रमितों की पहचान हुई है। प्रदेश में अब कुल सक्रिय मरीजों की संख्या घटकर 4723 हो गई है। बिहार में कोरोना मरीजों का रिकवरी प्रतिशत भी 97.94 है। ऐसे में बिहार सरकार शिक्षण संस्थानों को खोलने पर जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकती है। फिलहाल 6 फरवरी तक बिहार में कोविड-19 को लेकर प्रतिबंध लागू है।

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