जनता दरबार में मुख्यमंत्री हुए शामिल, 133 लोगों की सुनी समस्यायें, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज 4, देशरत्न मार्ग स्थित मुख्यमंत्री सचिवालय परिसर में आयोजित जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शामिल हुए। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे 133 लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के लिए समुचित कार्रवाई के निर्देश दिए। आज ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में सामान्य प्रशासन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, समाज कल्याण विभाग, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, वित्त विभाग, संसदीय कार्य विभाग, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग, सूचना प्रावैधिकी विभाग, कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, श्रम संसाधन विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग से संबंधित मामलों पर सुनवाई हुयी। जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डे, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण मंत्री संतोष कुमार सुमन, अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री जमा खान, सूचना प्रावैधिकी सह श्रम संसाधन मंत्री जिवेश कुमार, कला संस्कृति एवं युवा मामलों के मंत्री आलोक रंजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव आमिर सुबहानी, पुलिस महानिदेशक एसके सिंघल, संबंधित विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह तथा वरीय पुलिस अधीक्षक मानवजीत सिंह ढिल्लो उपस्थित थे। ‘जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम की समाप्ति के पश्चात् मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत की। पत्रकारों द्वारा सी०ए०ए० से संबंधित प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी कोरोना है, कोरोना का दौर खत्म होगा, उसके बाद इस पर कोई बात होगी। तीन देशों के अल्पसंख्यक जो लोग यहां पर रह रहे हैं उनके लिए कानून बनाने की बात हो रही है। यह तो केंद्र सरकार को ही देखना है।