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युवाओं की सहभागिता प्रोत्साहन सशक्तिकरण वर्तमान वैश्विक सन्दर्भ में लैंगिक समानता सतत विकास की आवश्यकता है: कुलपति नालन्दा खुला विश्वविद्यालय

पटना। सेंटर फॉर जेंडर स्टडीज व अर्थशास्त्र विभाग पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वाधान में “न्यायसंगत, लचीला तथा सतत विश्व के निर्माण में युवाओं की सहभागिता, प्रोत्साहन तथा उनके सशक्तिकरण के शीर्षक पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस का आरम्भ स्वामी सहजानंद सरस्वती सभागार, कॉलेज ऑफ़ कॉमर्स व आर्ट्स, पटना में आरम्भ हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ० बी० पी० त्रिपाठी, विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग तथा मुख्य अतिथि के रूप में प्रो० के० सी० सिन्हा, कुलपति , नालंदा खुला विश्वविद्यालय उपस्थित थे। अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक जगत से प्रो० मिस्बाह कमाल, कुलपति, प्रीमिशिया विश्वविद्यालय, बांग्लादेश तथा श्रीलंका से अनुशा ई० दिरीशिंधे ने भी अपनी सहभागिता दी। इस अवसर पर सेंटर ऑफ़ जेंडर स्टडीज की अध्यक्षता करते हुए डॉ० सुनीता शर्मा ने इस कांफ्रेंस के महत्व का वर्णन करते हुए समाज के हाशिये पर खड़े वर्गों को शोध के केंद्र में लाने की बात की। कांफ्रेंस में सचिव डॉ० अविनाश झा, ने संस्था के परिचय और विषय की प्रसंगिकता को विस्तार से रखा। प्रो राजीव रंजन ने कहा महिलाएं आरंभ से सशक्त रही हैं जिसे शोध के माध्यम से सामने लाने की अवश्यकता है। डॉ० उर्वशी गौतम, डॉ० अंकित, डॉ० राजीव रंजन, डॉ० आदित्य भारद्वाज, डॉ० संजीत लाल व शोधार्थियों ने अपनी सजग उपस्थिति दर्ज की। डॉ० राकेश रौशन आनंद ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। अपने अध्यक्षीय भाषण में प्रो० बी० पी० त्रिपाठी ने आज भारत को स्वस्थ, शिक्षित व स्वावलम्बी युवा की जरूरत पर बल दिया जिससे स्थायी विश्व का निर्माण हो सके।

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