उज्जैन: कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते रात्रिकालीन कफ्र्यू लागू होने पर महाकाल मंदिर में भस्मआरती और शयन आरती में आम भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। भस्मआरती के लिए आने वाले सभी दिनों की अनुमति को निरस्त कर दिया गया है। वहीं दिन के समय में मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश के लिए मंदिर प्रबंध समिति द्वारा तय गाइडलाइन के अनुसार भी प्रवेश होगा। इस संबंध में आगे की स्थिति अनुसार फैसला होगा।
भगवान महाकाल की तड़के होने वाली भस्म आरती में देशभर से श्रद्धालु सुबह जल्दी मंदिर पहुंचते हैं। वही राम को 10:30 बजे होने वाली शयन आरती में अनेक श्रद्धालु शामिल होते है। शासन द्वारा रात 11 से सुबह 5 बजे तक कफ्र्यू लागू कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में रात के समय श्रद्धालुओं के आने-जाने से कफ्र्यू का उल्लंघन होगा। इसे ध्यान में रखकर प्रशासन और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने भगवान महाकाल भस्म-शयन आरती में प्रवेश पर रोक लगा दी है।
शुक्रवार तड़के होने वाली भस्मआरती में ही श्रद्धालुओं को ही प्रवेश दिया गया। इसके बाद शनिवार और इसके आगे की परमिशन रद्द कर दी गई है। इसी तरह रात को शयन आरती के पहले तक ही दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाएगा। मंदिर के गर्भगृह में फिलहाल श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जा रहा है। समिति द्वारा श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए गर्भगृह में प्रवेश और नंदीहॉल से दर्शन का निणर्य लिया जा रहा है। प्रवेश प्रतिबंध होने पर गर्भगृह में जलाभिषेक की सशुल्क अनुमति जारी होती है। कलेक्टर और महाकाल मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष आशीषसिंह के अनुसार प्रतिबंध केवल भस्मआरती-शयन आरती के लिए है। गर्भगृह में प्रवेश को लेकर स्थिति को देखकर निणर्य लिया जाएगा।
कोरोना काल में कर्फ्यू और गाइड लाइनों का पालन किए जाने से महाकाल की भस्म आरती में श्रद्धालुओं का प्रवेश बंद कर दिया गया था। अभी छह दिसंबर से ही इसे दोबारा खोला गया था। 17 दिन के भीतर भस्म आरती में फिर श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। इसके लिए जो भी बुकिंग की गई थीं, उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है।
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