Logo
ब्रेकिंग
शिक्षा, अनुसंधान केंद्र और उद्योगों में साझेदारी समय की आवश्यकता मुख्यमंत्री ने ललित भवन में स्व० ललित नारायण मिश्र जी की प्रतिमा का किया अनावरण मौसम में होने वाला है बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री ने लोहिया पथ चक्र के निर्माण कार्य की प्रगति का किया निरीक्षण आंध्र प्रदेश के अमारा राजा प्लांट में आग लगी केंद्र सरकार ने बजट सत्र से पहले बुलाई सर्वदलीय बैठक दिलजीत दोसांझ आएगे नजर फिल्म 'द क्रू' में, तब्बू, करीना और कृति सनोन के साथ मुंबई एयरपोर्ट पर 28.10 करोड़ की कोकीन के साथ तस्कर गिरफ्तार... ठोस क्रियान्वयन के लिए निरंतर सत्यापन किया जाए : राज्यपाल पटेल मध्य प्रदेश में कलेक्टर-कमिश्नर कान्फ्रेंस शुरू, सीएम शिवराज कर रहे अधिकारियों से बात

नाराज मुख्यमंत्री की लगातार 6 पोस्ट, ईडी-आईटी वाले अफसरों को मुर्गा बनाकर पीट रहे हैं, अब शिकायत मिली तो कार्रवाई

रायपुर: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग (आईटी) के अफसरों पर छापे और पूछताछ के दौरान मारपीट के आरोपों को गंभीरता से लिया है। सीएम भूपेश ने रविवार को सोशल मीडिया पर एक के बाद एक 6 पोस्ट कर कहा कि ईडी और आईटी वाले यहां के अफसरों को भी मुर्गा बनाकर पीट रहे हैं, ऐसी शिकायतें राज्य सरकार को मिली हैं। इससे कई लोगों की हड्डियां टूटी हैं। कुछ को सुनाई देना बंद हो गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईडी और आईटी की इस तरह की शिकायतें दोबारा मिलीं तो राज्य सरकार अपने तरीके से उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। ऐसी शिकायतों से बचने के लिए दोनों एजेंसियां पूछताछ और बयान लेते समय पूरी वीडियोग्राफी करवाएं।मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया में अपनी बात रखी कि जो भी जांच विधिक तरीके से की जा रही है, सरकार उसमें पूरा सहयोग करेगी। लेकिन ऐसी शिकायतें आगे भी मिलीं तो राज्य की पुलिस विधिक रूप से कार्रवाई हेतु विवश होगी। मुख्यमंत्री लिखा है कि केंद्रीय एजेंसियां देश के नागरिकों की ताकत होती हैं। यदि इन ताकतों से नागरिक डरने लगें, तो यह नकारात्मक शक्ति देश को कमजोर करती है।केंद्रीय एजेंसियां भ्रष्टाचार करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करें, हम इसका स्वागत करते हैं। लेकिन जिस प्रकार पूछताछ के दौरान गैरकानूनी कृत्य सामने आ रहे हैं, वो स्वीकार योग्य नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि ऐसी सभी घटनाओं की जानकारी केंद्र सरकार को दी जाए और ऐसे अवैधानिक कृत्यों पर रोक लगाई जाए।घर से जबरन उठाकर, पीटकर मनचाहा बयान लिखवा रहेमुख्यमंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा कि लोगों को समन देकर जबरन घर से उठाने की शिकायतें मिली हैं। कई लोगों (इनमें अफसर भी) को मुर्गा बनाकर पीटने और पिटाई करके मनचाहा बयान दिलवाने के लिए बाध्य करने की शिकायतें हैं। आजीवन जेल में सड़ने की धमकी दी जा रही है। खाना-पानी के बगैर सुबह से देर रात तक पूछताछ के बहाने रोकने जैसी शिकायतें भी मिल रही हैं। ईडी और अाईटी के अधिकारी छत्तीसगढ़ पुलिस को सूचना दिए बगैर ही सीआरपीएफ के जवानों को साथ लेकर छापेमारी कर रहे हैं। पिछले एक साल में कई बार इस तरह की कार्रवाई की जा चुकी है। हर बार राज्य सरकार सहयोग कर रही है। उसके बाद भी इस तरह की शिकायतें आ रही हैं। ऐसे कृत्यों से प्रदेश की जनता गुस्से में है।सितंबर मेें भी चेतावनी दी थीमुख्यमंत्री 26 सितंबर को भिलाई में अग्रसेन जयंती समारोह में शामिल हुए थे। वहां कुछ कारोबारियों ने उनसे शिकायत की थी कि आयकर विभाग, डायरेक्टोरेट-रेवेन्यू इंटेलिजेंस और प्रवर्तन निदेशालय के अफसर अलग-अलग मामलों में जिन लोगों को पूछताछ के लिए बुलवा रहे हैं, उन्हें धमकियां दी जा रही है। इन शिकायतों को सुनने के बाद सीएम भूपेश ने कहा था कि यह उचित नहीं है कि जो अधिकारी यहां आए हैं, वह यहां के लोगों को धमकी-चमकी न दें। लोग व्यापार कर रहे हैं, उद्योग चला रहे हैं तो यह अपराध नहीं है। उनके साथ अपराधियों जैसा व्यवहार करना बिल्कुल गलत है।

Comments are closed, but trackbacks and pingbacks are open.